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गोआ की एजेंसी का सिटी डेवलपमेंट प्लान खारिज

8 वर्ष पहले
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शिव डबरैही - रामपुर बुशहर
जवाहरलाल नेहरु अर्बन डेवलपमेंट ऑथोरिटी के तहत शहर को विकसित किए जाने के लिए गोआ की टीम द्वारा तैयार किया गया मास्टर प्लान केन्द्रीय शहरी एवं विकास मंत्रालय ने रिजेक्ट कर दिया। केन्द्रीय मंत्रालय ने टीम द्वारा तैयार सिटी डेवलपमेंट प्लान में कई प्रकार की खामियां पाई है। इससे इससे एक ओर जहां शहरी विकास के लिए मास्टर प्लान की मंजूरी में देरी हुई वहीं नगर परिषद को बेवजह भी पांच लाख रुपए का चूना लगा है।
प्लान तैयार करने वाली गोआ की एजेंसी को इसका भुगतान भी किया जा चुका है। अब इस मास्टर प्लान को लोक निर्माण विभाग के माध्यम से तैयार किया गया है। नगर परिषद को मास्टर प्लान तैयार करने के एवज में अब लोक निर्माण विभाग को दोबारा पैसों का भुगतान करना होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जवाहरलाल नेहरु अर्बन डेवलपमेंट प्लान के तहत शहरी क्षेत्र को विकसित करने के लिए रामपुर को भी इस योजना में शामिल किया गया था। पहले चरण में नगर परिषद रामपुर ने शहर के विकास का खाका तैयार करने का जिम्मा गोआ की एक एजेंसी को सौंपा। इस एजेंसी ने शहर व आसपास क्षेत्र का सर्वेक्षण कर करीब 72 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार किया। प्लान के तहत बाढ़ के दृष्टिगत रामपुर शहर को सतलुज से बचाने के लिए प्रोटेक्शन वॉल, नेशनल हाईवे किनारे फुटपाथ तैयार करने, विभिन्न वार्डों में कंकरीट के ड्रेनेज तैयार करने के अलावा पार्क निर्माण, ओवर ब्रिज व पार्किंग निर्माण आदि को प्लान में शामिल किया गया था।
तकनीकी दृष्टि से नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता को ही इस प्लान को अंतिम रूप दिए जाने की लिए संस्तुति भेजनी थी। नगर परिषद ने गोआ की टीम द्वारा तैयार इस मास्टर प्लान को केन्द्रीय मंत्रालय के पास भेजा लेकिन केन्द्र सरकार ने नगर परिषद के इस मास्टर प्लान को ही रिजेक्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार प्लान में पार्किंग निर्माण, पार्क निर्माण सहित कई अनावश्यक विकास कार्य शामिल किए गए थे कई मास्टर प्लान में कई अन्य प्रकार की खामियां भी रखी गई, लेकिन नगर परिषद ने केंद्र द्वारा प्लान को रिजेक्ट करने के बावजूद गोआ की एजेंसी को पांच लाख रुपए का भुगतान किया जो पूरी तरह सवालों के घेरे में है।




॥गोआ की टीम द्वारा तैयार सिटी डेवलपपमेंट प्लान को केंद्र ने रिजेक्ट नहीं किया बल्कि इसमें संशोधन किया है। अब इसे पीडब्ल्यूडी के जरिए तैयार किया गया है। प्लान तैयार करने के लिए बजट का अलग प्रावधान रहता है।

बीएस ठाकुर, जेई नगर परिषद रामपुर

॥सरकार के निर्देशों के तहत सिटी डेवलपमेंट प्लान सरकारी एजेंसी से तैयार किया जाना था जिसके तहत पीडब्ल्यूडी को इसका जिम्मा दिया गया। पीडब्ल्यूडी को प्लान की मंजूरी के बाद तैयार करने का बजट भी अलग से मिलेगा।

दीपक सूद, अध्यक्ष नगर परिषदर रामपुर

जानकारी के अनुसार सरकारी निर्देशों के तहत इस मास्टर प्लान को सरकारी एजेंसी के जरिए तैयार किया जाना था। अब नगर परिषद ने पीडब्ल्यूडी से दोबारा सिटी अर्बन डेवलपमेंट तैयार करवाया जोकि करीब 32 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। इस मास्टर प्लान में पार्किंग व पार्क निर्माण जैसे मसले शामिल नहीं किए गए हैं। पहले चरण में सतलुज नदी से शहर को बचाने के लिए 1300 मीटर कंकरीट दीवार के अलावा, एनएच किनारे फुटपाथ व वार्डों के अधीन नालों के ट्रीटमेंट के लिए ड्रेनेज तैयार की जानी है। शहरी सौंन्दर्यकरण के तहत फुटपाथ तथा अन्य कार्य शामिल किए गए हैं। पहले चरण में फिलहाल पीडब्ल्यूडी ने मास्टर प्लान को तैयार कर इसे नगर परिषद को सौंप दिया है जो कि मंजूरी के लिए केन्द्र सरकार को भेजी गई है, लेकिन नगर परिषद ने अपने स्तर पर एक निजी एजेंसी से सर्वेक्षण के बाद जो मास्टर प्लान तैयार करने पर पांच लाख रुपए खर्च किए उसकी रिकवरी करना अब नगर परिषद के लिए मुश्किल है। इसमें कई तकनीकी अधिकारियों की भी मिलीभगत बताई जा रही है।



अब पीडब्ल्यूडी की टीम ने तैयार किया प्लान