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सैनिकों को नहीं मिल रहा प्रॉक्सी वोट सुविधा का लाभ : जसवाल

7 वर्ष पहले
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नादौन - सैनिक प्रॉक्सी वोट का अधिकार मिलने के बावजूद भी इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। जिस वजह से प्रदेश का एक बहुत बड़ा वर्ग अपने मताधिकार से वंचित रह रहा है। इस का विशेष कारण प्रचार की कमी तथा जटिल विधि माना जा रहा है। यह बात भाजपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजन ब्रिगेडियर लाल चंद जसवाल ने कही। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह भी है कि चुनाव प्रचार की अवधि घटा कर 14 दिन कर दी गई है, इसके चलते पोस्टल बैल्ट द्वारा मतदान करना असंभव हो गया है। उन्होंने सैनिक परिवारों से अनुराध किया है कि वह अपने सेवारत परिजनों को प्रॉक्सी मतदान के लिए प्रेरित करें। प्रॉक्सी मतदान की विधि 2 भागों में पूर्ण होती है प्रथम भाग में सेवारत सैनिक
फार्म-2 भरकर रिकॉर्ड ऑफिस को भेजना है। रिकॉर्ड ऑफिसर छानबीन के पश्चात फार्म को जिला चुनाव अधिकारी को भेज देता है। चुनाव अधिकारी सेवारत सैनिक का नाम मतदान सूची में अंकित कर सैनिक की यूनिट को सूचित कर देता है। यदि सेवारत सैनिक का नाम पहले से ही सूची में अंकित हो तो इस भाग की आवश्यकता नहीं है। दूसरे भाग में यदि सेवारत सैनिक यूनिट में है तो अपने कमांडिंग ऑफिसर के समक्ष फार्म-13 एफ भर कर प्रॉक्सी बनाए गए व्यक्ति को भेज देता है। बनाया गया प्रॉक्सी फार्म पर प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के सामने हस्ताक्षर करता है और यदि सेवारत सैनिक घर पर है तो सैनिक तथा प्रॉक्सी प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के समक्ष फार्म पर हस्ताक्षर करते हैं।