सोलन में हाथों हाथ बिक रहा घराट का आटा
भास्कर न्यूज - सोलन
बिजली से चलने वाली चक्कियों से पारंपरिक घराट अपना अस्तित्व खो रहा हैं, वहीं सोलन जिला के गंभरपुल के किसान राकेश ने घराट को अपनी आजीविका का जरिया बनाया है। राकेश के घराट की ठंडी पिसाई से बने आटे को सोलन के लोग हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। सोलन में लगने वाली किसान मंडी में अब घराट का आटा सुगमता से मिल रहा है। सोलन जिला के गंभरपुल के पास गंभर नदी में लगा उनका पुश्तैनी घराट से अभी तक पिसाई कर रहा है। राकेश दिनभर खेतों में काम करते हैं, जबकि सुबह शाम घराट चलाकर आटा बनाते हैं। घराट का आटा बाजार में 25 रुपए तक हाथों-हाथ बिक रहा है। वह सोलन में लगने वाली किसान मंडी में अपने खेतों में उगी साग सब्जी के साथ-साथ घराट का आटा भी लाते हैं। घराट में पिसे मक्की के आटे की खुशबु खुद ही ग्राहकों को उनके पास खींच लाती है। राकेश के अनुसार वह काफी समय से घराट में पिसा मक्की का आटा बेच रहे हैं जो ग्राहकों को काफी भा रहा है। डॉ. भानू शर्मा, सचिव, सब्जी मंडी सोलन ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई किसान-जनता मंडियां किसानों के लिए आमदनी का अच्छा जरिया बन रही हैं। इसमें किसान अपने उत्पाद बेचकर अच्छा लाभ कमा रहे हैं ।
सोलन की किसान मंड़ी में घराट के पिसे आटे को बेचता किसान।