बेटी को दुबई में नौकरानी बनाकर रखा
भास्कर न्यूज - शिमला
महिला आयोग की अध्यक्ष जेनब चंदेल की अदालत में कई शिकायतों का निपटारा किया गया। शिमला जिला की २६ शिकायतें आयोग के समक्ष रखे गए। दो मामलों में आपसी समझौता हो गया। दो मामले ऐसे भी आयोग के सामने आए जहां शिमला से पंजाब ब्याही लड़कियों ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी को भी अदालत के सामने रखा।
मेरी बेटी के साथ धोखा हुआ
महिला आयोग की अदालत में बुधवार को एक पिता ने कहा कि मशोबरा से अपनी बेटी की शादी 1991 में चंडीगढ़ में की। बेटी का पति दुबई में सेटल है। शादी में बेटी के ससुराल पक्ष ने जो भी दहेज मांगा वह दिया। यहां तक कि 35 लाख का सोना व डायमंड दिया। दुबई में रहते हुए कैश और दहेज की जो भी मांग रही वह बेटी के पिता ने पूरी की। ससुराल पक्ष की भूख अभी बढ़ ही रही थी कि तब तक उसकी असलियत सामने आ गई। बेटी के पिता ने महिला आयोग में गुहार लगाई है कि मेरी बेटी के साथ बड़ा धोखा हुआ। उसके पति को सजा मिलनी चाहिए। मेरी बेटी आरकेएमवी और सेंट बीड्स की छात्रा थी। आप बीती सुनाते हुए बेटी के पिता ने कहा कि शादी के बाद वह छह महीने तक चंडीगढ़ ससुराल में रही। उसके बाद बेटी दुबई पति के साथ गई। वहां पता चला कि पति तो तलाकशुदा है। इसमें पहली बीबी से तलाक हो चुका है। उसका बच्चा भी है। जब पत्नी ने पति से पूछा तो पति ने मारना पीटना शुरू कर दिया। इसके साथ ही एक साल तक दुबई में पत्नी को नौकरानी बनाकर रखा। अब बेटी अपने माता पिता के पास रह रही है। पिता ने आयोग की अदालत में बेटी को परेशान करने का आरोप लगाते हुए दामाद को धोखाधड़ी की सजा और दहेज को लौटाने की मांग की है।
ससुराली कर रहे तंग
आयोग में पत्नी की ओर से दायर याचिका में पत्नी ने कहा कि मैने अपने पति से लव मैरिज की है जो ड्राइवर है, लेकिन पति के साथ जब ससुराल गई तो सास-ससुर और ननद ने लड़ाई करनी शुरू कर दी और घर में बहू मानने से इनकार कर दिया। ससुराल पक्ष आए दिन तंग करता था। ससुराल पक्ष ने पंचायत बुलाकर मुझे घर से अलग कमरा में रहने के लिए दिया। कई बार पति मारने के लिए हाथ भी उठाता है। उनके अत्याचार से तंग आकर मैं अपने माता पिता के पास मायके रह रही हूं, लेकिन अदालत के बाहर पति ने पत्नी आपस में समझौता किया। पति ने लिखकर दिया कि वो अपनी पत्नी को साथ ले जाएगा।
भारी ठंड में लोग खूब हुए परेशान
महिला आयोग में अपनी फरियाद सुनाने आई महिलाओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। दफ्तर के बाहर उनके बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी। लोग ठंड में दिन भर ठिठुरते रहे। यहां की अव्यवस्थाओं को देखकर कई लोग तो पूर्व अध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर की तारीफ करते हुए भी देखे गए। उनका कहना था कि उस वक्त शिकायत लेकर पहुंचे लोगों को बैठने के लिए बैंच आदि की व्यवस्था रहती थी।
एक अन्य मामले में एक महिला ने कहा कि मेरे पति सरकारी नौकरी में अच्छी पोस्ट पर है। मेरा एक बेटा भी है जो दसवीं कक्षा में पढ़ता है, लेकिन मेरे पति ने इस उम्र में एक और शादी रचा ली है। इस कारण घर के हालात ऐसे हो गए हैं कि मेरा बेटा भी पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पति मेरे घर की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब दूसरी बीबी के साथ अलग मकान लेकर रह रहा है। महिला आयोग में याचिका दायर की है कि मेरे पति को कहें कि वह अपने बेटे की ओर भी ध्यान दें। उसकी जिम्मेदारी को समझे।
पति ने कर ली एक और शादी
महिला आयोग की अदालत में एक पिता ने लगाया आरोप