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डाउनलोड करेंशिमला. मैडम, ट्रायल देने के बाद अच्छे खिलाड़ी सलेक्ट तो हो जाएंगे। मगर क्या यहां के खिलाडिय़ों को नेशनल में खेलने का मौका मिलेगा? कहीं पिछली टीम की तरह हमें भी बिना खेले तो नहीं लौटना पड़ेगा? इंदिरा गांधी खेल परिसर में ट्रायल देने पहुंचे ज्यादातर खिलाडिय़ों की जुबान पर यही सवाल थे। इनमें से कुछ खिलाड़ी खेल विभाग की संयुक्त निदेशक सुमन रावत और ट्रायल लेने आए कोच से पूछ रहे थे कि वे नेशनल में जाने के कड़ी मेहनत तो कर रहे हैं।
लेकिन क्या उन्हें खेलने का मौका मिल भी पाएगा या नहीं। खिलाडिय़ों का कहना था कि ट्रायल में से टीम में जगह बनाना बेशक मुश्किल काम है। गौरतलब है कि पिछले महीने खेल परिसर में विभाग ने सीनियर वालीबॉल टीमों का चयन किया था। जब ये टीमें नेशनल में पहुंची तो वहां इन्हें मान्यता ही नहीं मिली। कड़ी मेहनत करने के बाद इन दोनों टीमों को बिना खेले ही वापस लौटना पड़ा था।
सब जूनियर वालीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए हिमाचल की टीमों का चयन 27 जनवरी को किया जाएगा। इसके लिए शिमला के इंदिरा गांधी खेल परिसर में ट्रायल करवाए जाएंगे। खेल विभाग के अनुसार हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ये ट्रायल सुबह दस बजे से शुरू हो जाएंगे। ट्रायल में से प्रदेश के ब्वॉयज और गल्र्स की टीमें चयनित की जाएंगी। विभाग का कहना है कि ट्रायल में वही खिलाड़ी हिस्सा ले पाएंगे जिनका जन्म एक जनवरी 1998 के बाद हुआ है। सभी खिलाडिय़ों को ट्रायल में आने के लिए अपने जन्म प्रमाण पत्र को भी साथ लाना होगा। चयनित खिलाड़ी सात फरवरी को चेन्नई में होने जा रही नेशनल सब जूनियर वालीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। नेशनल के लिए जाने से पहले इन खिलाडिय़ों के लिए 30 जनवरी से प्रशिक्षण शिविर भी लगाया जाएगा।
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