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साल भर बाद भी नहीं शुरू हुआ हाटकोटी सड़क का काम
भास्कर न्यूज - रोहडू
अपर शिमला के दो विधानसभा क्षेत्रों जुब्बल कोटखाई व रोहडू के विस चुनाव में मुख्य चुनावी मुद्दा रही रोहडू ठियोग हाटकोटी डबल लैन सड़क की हालत अब भी जस की तस बनी हुई है। इस सड़क के पुर्न निर्माण को लेकर सत्ता पर काबिज होने के बाद कांग्रेस द्वारा की गई घोषणा भी अभी तक कोरी ही साबित हुई है।
भाजपा की हार बनी थी सड़क
रोहडू ठियोग हाटकोटी सड़क की खस्ता हालते विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा की हार का एक बड़ा कारण साबित हुई थी। सड़क के निर्माण को लेकर कांग्रेस ने विस चुनाव में भाजपा पर जबरदस्त हमले किए थे जिसका सबसे बड़ा खामियाजा जुब्बल कोटखाई से भाजपा को पूर्व बागवानी एंव तकनीकि शिक्षा मंत्री नरेंद्र बरागटा को हार के रूप में चुकाना पड़ा था। इसी तरह से रोहडू विस क्षेत्र में सड़क की दुर्दशा को कांग्रेस ने अपने चुनावी मुद्दे के रूप में भुनाने में सफलता प्राप्त की थी।
बदतर होती सड़क की हालत
प्रदेश के सबसे बडे सेब उत्पादक क्षेत्रों जुब्बल कोटखाई व रोहडू को देश दुनिया से जोडऩे में अहम भूमिका निभाने वाली ठियोग हाटकोटी रोहडू सड़क की हालत बीते दस सालों में बद से बदतर हो गई है। पांच सालों में सड़क को डबल लेन बनाने के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ सड़क निर्माण का कार्य 8 साला का समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। सड़क की खस्ता हालत की वजह से हुए हादसों में करीब 40 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। सत्ता में आते ही कांग्रेस ने तीन महीने के अंदर ठियोग हाटकोटी रोहडू सड़क का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने का एलान किया था। रोहडू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा व जुब्बल कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने तीन महीने के अदंर सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन इन दोनों नेताओं की घोषणा के बाद 8 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो सड़क का निर्माण कार्य ही अब तक शुरू हुआ है।
परेशान है लोग
॥चीनी कपंनी से टेंडर लेकर सीएंडसी को दे दिया गया है। ठंड की वजह से कपंनी ने अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है जबकि कंपनी की मशीनी छैला पहुंच गई है। फरवरी माह के पहले सप्ताह से कार्य के शुरू होने की संभावना है।
मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक रोहडू
सड़क की खस्ता हालत के चलते रोहडू जुब्बल कोटखाई विस क्षेत्र के हजारों लोग अब भी भारी पेरशानी से जूझ रहे हैं। गडडों व कीचड से सनी इस इस सड़क पर वाहन चलाना आज भी जोखिम भरा काम बना हुआ हुआ है। क्षेत्रवासियों क ो 4 घंटे में तय होने वाले रोहउू से शिमला के सफर को पुरा करने में 7 से 8 घंटों का वक्त लग रहा है।