कुफरी में घुड़सवारी के लिए बनेंगे नियम
भास्कर न्यूज - शिमला
कुफरी में घुड़सवारी के लिए नए नियम बनेंगे। जिला प्रशासन ने इस संबंध में रुप रेखा तैयार कर ली है। नए नियमों के तहत ही अब पर्यटक और स्थानीय लोग घुड़सवारी का आनंद ले सकेंगे। मनमाने तरीके से रेट वसूलने पर भी अंकुश लगेगा। मार्च माह में इस पर काम शुरू हो जाएगा। लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से पर्यटन स्थल कुफरी के रास्तों, सड़क की टारिंग और घोड़े के लिए अलग रास्तों का भी निर्माण किया जाएगा। एसडीएम ग्रामीण ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि घुड़सवारी के लिए नए नियम बनेंगे। मार्च माह में इसे लागू कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन जहां घोड़ा मालिकों को सुविधाएं देगा, वहीं उन्हें भी नियमों के तहत ही काम करना होगा। उनका कहना है कि इन दिनों बाहरी राज्य से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों की ओर से सफाई व्यवस्था के दुरूस्त न होने और घोड़ा मालिकों की मनमानी की काफी शिकायतें उन्हें मिल रही है।
यहां सफाई नहीं, मिल रही शिकायतें
जिला प्रशासन को इन दिनों पर्यटकों और कुफरी में रहने वाले स्थानीय लोगों की ओर से शिकायतें मिल रही है। लोगों का आरोप है कि घोड़ा मालिक सड़कों पर कीचड़ फैला रहे हैं। लोग शिकायत के लिए फोन नंबर 0177-2657009 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
ञ्चघोड़ा मालिकों को जिला प्रशासन और साडा की ओर से एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा। जहां यह बनेगा, घोड़े वहीं खड़े करने होंगे। ताकि पर्यटकों को घुड़सवारी के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर न जाना पड़े।
ञ्चकुफरी के मुख्य स्टेशन के पास एक बूथ बनेगा। पर्यटक को घुड़सवारी के लिए वहां से एक टोकन मिलेगा। टोकन लेने के बाद घोड़ा मालिक संबंधित स्थान पर पर्यटक को ले जाएगा। घूमने का आनंद लेने के बाद टोकन दूसरे स्थान पर बने बूथ पर साडा के कर्मचारी को देना होगा, यहीं पर घुड़सवारी की फीस भी ली जाएगी। इससे मनमाने रेट घोड़ा मालिक नहीं वसूल पाएंगे।
ञ्च घोड़ा चलाने के लिए अलग से रास्ता बनेगा, मुख्य सड़क पर घोड़ा मालिक घुड़सवारी नहीं करवा पाएगा। नए बनाए रास्ते पर ही चलना होगा।
ञ्च घोड़ों की नंबरिंग के लिए पहचान पत्र नंबर दिए जाएंगे। यह घोड़े पर लगाना अनिवार्य होगा।
ञ्च शिकायत मिलने पर घोड़ा मालिक का चालान भी काटा जाएगा और उसकी सदस्यता भी रद्द की जा सकती है।
ये होंगे अब नए नियम
घोड़ा मालिकों पर नियमों के अवहेलना
करने पर लगेगा जुर्माना