- Hindi News
- ऑपरेशन से कुछ घंटे पहले बताते हैं कितना ब्लड चाहिए
ऑपरेशन से कुछ घंटे पहले बताते हैं कितना ब्लड चाहिए
भास्कर न्यूज - शिमला
आईजीएमसी अस्पताल के डॉक्टरों और ब्लड बैंक में कोई तालमेल नहीं है। न तो डॉक्टर कभी ब्लड बैंक को ऑपरेशन के बारे में सूचित करते हैं और न ही मरीज के फॉर्म को पूरा भरते हैं। ऐसे में मरीज और उसके तीमारदार को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तालमेल को सही करने के लिए आईजीएमसी में कई सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद कई डॉक्टर ब्लड बैंक को ऑपरेशन के बारे में बताना उचित समझते हैं और न ही मरीज के ब्लड का सेंपल फार्म पूरा भरने की जरूरी मानते हैं। ऐसे में तीमारदार को ब्लड बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि डाक्टर दो दिन पहले ही ऑपरेशन के बारे में ब्लड बैंक को बता दे तो मरीजों और मरीजों को होने वाली दिक्कतों से राहत मिल जाएगी।
फार्म तक पूरा नहीं भरते
आईजीएमसी में ऐसे भी कई डॉक्टर हैं जो मरीज का फार्म पूरा नहीं भरते हैं। ब्लड बैंक के अधिकारियों के अनुसार ऐसे कई फार्म आते हैं जो कि पूरा नहीं भरा होता है। फार्म में कभी पिता का नाम नहीं होता है तो कभी सीआर नंबर नहीं लिखा होता है। इतना ही नहीं कई बार तो फार्म पर डॉक्टर तक अपना नाम भी नहीं लिखते हैं। ऐसे में फार्म को पूरा भरने के लिए तीमारदार को दौड़ाया जाता है।
अधूरा फार्म मरीज के लिए काफी घातक सिद्ध हो सकता है। एक वार्ड में कई बार एक ही नाम के दो मरीज भर्ती होते हैं। ऐसे में जब फार्म मे सीआर नंबर और पिता का नाम न लिखा हो तो संभव है कि ब्लड की जांच रिपोर्ट एक्सचेंज हो जाए। ऑपरेशन के दौरान मरीज को गलत खून चढ़ सकता है और उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। इसलिए फार्म का पूरा भरा जाना बेहद जरूरी है।
॥डॉक्टरों को ब्लड बैंक के साथ कोआर्डिनेशन बनाने के लिए कहा गया है। यदि किसी डॉक्टर ने अधूरा फार्म भरा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
एसएस कौशल, प्रिंसिपल आईजीएमसी
संदीप ने बताया कि उसकी बहन का ऑपरेशन है। ऑपरेशन के बारे में डॉक्टरों ने कल शाम को ही सूचना दी थी। हालांकि ब्लड बैंक ने हमारी काफी मदद की है। संदीप ने बताया कि यदि डॉक्टर दो दिन पहले ऑपरेशन की तारीख बता दें और ब्लड के सेंपल के जांच के लिए पहले ही भेज दें तो तीमारदारों को ब्लड बैंक बार बार चक्कर काटने से बच जाएंगे।
धर्मचंद ने बताया कि उसके पिता यहां पर भर्ती है। अभी पिता के ऑपरेशन की तारीख नहीं दी गई है। मैने डाक्टर से पूछा की खून की जरूरत होगी। इस बारे में पहले ही बता दें, अचानक से खून का इंतजाम करना काफी कठिन हो जाता है। अभी तक डॉक्टर ने उन्हें कोई फार्म भी नहीं दिया है। डॉक्टर ने केवल इतना ही बोला कि तीन चार यूनिट खून की जरूरत पड़ेगी।
कुमंत राम ने बताया कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन है। डॉक्टर ने उसे दो यूनिट खून का इंतजाम करने को कहा है। कुमंत राम ने बताया कि उसे कुछ पता नहीं चल रहा है कि ब्लड बैंक में उन्हें एक यूनिट देने की बात कही है और दूसरे के लिए डोनर लाने को कह रहे हैं। डॉक्टर ने मुझे दो दिन पहले बताया होता तो मैं एक क्या दो डोनर ला देता।
अव्यवस्था - आईजीएमसी के डॉक्टरों और ब्लड बैंक कर्मचारियों में तालमेल नहीं
परेशानी से बचेंगे
केस ३
फार्म नहीं दिया
केस 2
डोनर लेकर आओ
केस 1