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१०६ डॉक्टर छुट्टी से लौटेंगे, १०६ फिर जाएंगे

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - शिमला
अपने डॉक्टर से इलाज से इलाज करवाने के लिए आईजीएमसी अस्पताल में आ रहे हैं तो जरां सोच समझ कर आएं। हो सकता है आपके डॉक्टर अपनी छुट्टियां काटने गए हों। आईजीएमसी में विंटर वैकेशन के दूसरे चरण में आधे डॉक्टर उपस्थित नहीं होंगे। महीना भर पहले १०६ डॉक्टर छुट्टी पर गए थे जो २९ जनवरी तक लौटेंगे। इनके आने के बाद १०६ डॉक्टर छुट्टी पर चले जाएंगे। आईजीएमसी में २१२ डॉक्टर हैं। अस्पताल में पूरे डॉक्टर न होने से उन्हें लंबी लाइनों में लग कर अपना उपचार करवाना पड़ेगा। जो मरीज अपने ही डॉक्टर से इलाज करवाना चाहते हैं, उन्हें मार्च महीने तक का इंतजार करना होगा। दूसरे चरण में आईजीएमसी के 212 डॉक्टर्स में से 106 डॉक्टर छुट्टी पर जाएंगे। इनमें से सीनियर रेजिडेंट 16 जनवरी से छुट्टी पर हैं। फैकल्टी मेंबर 31 जनवरी से अपनी छुट्टियां काटने जाएंगे। इस दौरान अस्पताल में मरीजों को कतारों में एक-एक घंटे खड़ा होने के बाद उपचार करवाना पड़ रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की ओपीडी एक दिन से दो-दो दिनों तक बढ़ाया है।
सर्दी के मौसम के दौरान मेडिसिन की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज पहुंचते हैं। आईजीएमसी में सभी डॉक्टरों के मौजूद होने के बाद भी मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में आईजीएमसी के आधे डॉक्टरों के छुट्टी पर जाने से मरीजों को दिक्कतें और भी विकराल रूप ले चुकी हैं। शुक्रवार को भी अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ थी। सभी मरीजों को देर तक कतारों में लगने के बाद ही उपचार मिला। यहां तक जिन मरीजों को अपनी केवल रिपोर्ट चेक करवानी थी उन्हें भी लाइनों में लगना पड़ा। उपचार के लिए आने वाले मरीजों में कुछेक ऐसे भी होते हैं जो उसी डॉक्टर से इलाज करवाना चाहते हैं जिसने पहले भी उनका उपचार किया हो। ऐसे मरीजों को यहां दिक्कत आएगी।




॥डॉक्टरों के अवकाश पर जाने से कोई परेशानी नहीं आती है। सर्दियों के मौसम में आईजीएमसी में मरीज कम आते हैं। इसके अलावा जो डॉक्टर मौजूद हैं, उनकी ओपीडी दो- दो दिनों तक बढ़ा दी गई है। ऐसे में मरीजों को दिक्कत नहीं आएगी।

डॉ. एसएस कौशल, प्रिंसिपल आईजीएमसी

ये छुट्टी पर रहेंगे

31 जनवरी से आईजीएमसी के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर छुट्टी पर जाएंगे। एनाटॉमी विभाग के डॉ अंजु प्रताप, डॉ. कविता नेगी, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अजय सूद, डॉ.ज्योति पठानिया, डॉ. दारा सिंह, डॉ. मनोज पंवर, डॉ रमेश कुमार, डॉ. रवि कांत डोगरा, डॉ. कार्तिक सयाल, बायो केमिस्ट्री विभाग के डॉ. वीएमएस जसवाल, एमएन भारद्वाज, सीटीविएस विभाग के डॉ. रजनीश पठानिया, डॉ. सुधीर मेहता, कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के डॉ. एसआर माजटा, डॉ. बीआर सिंह, डॉ अनिता ठाकुर, डॉ.तृप्ति चौहान, माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ. डी सिंह, डॉ. एस वर्मा, ओबीजी विभाग के डॉ. अनिता पाल , डॉ. बीडी धीमान, डॉ. के पठानिया, डॉ. राजीव सूद, न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. आरसी ठाकुर, पीडियाट्रिक्स विभाग के डॉ.नीलम, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. प्रवीन भारद्वाज, पीडियाट्रिक्स सर्जरी विभाग के डॉ. सुरेश गुप्ता, सर्जरी विभाग के डॉ. केएस जसवाल, डॉ. आरएस झोबटा, डॉ यूके चंदेल, डॉ. बीडी करण, डॉ.डी शर्मा, डॉ. अशोक कौंडल, यूरोलॉजी विभाग के डॉ. पीके पूरी, डॉ. पी रैना, रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव शर्मा, डॉ.अनूप, डॉ. विजय,डॉ.सुषमा, कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ.राजीव भारद्वाज, डॉ. संजीव , डॉ. नीरज, मेडिसन विभाग के डॉ.सुरिंद्र, डॉ.बलबीर, डॉ.जे मोकटा, डॉ. संजय महाजन, डॉ. राजेश, डॉ. सुधीर, ऑप्थेलमोलॉजी विभाग के डॉ केपी चौधरी, डॉ आरके गुप्ता, डॉ. जीसी राजपूत, सहित अन्य विभाग के आधे डॉक्टर अवकाश पर जाएंगें।



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