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तेंदुए से लडऩे वाली बहादुर शिल्पा पीएम से सम्मानित

8 वर्ष पहले
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शिमला। तेंदुए से लड़कर अपने भाई की जान बचाने वाली हिमाचल की बहादुर बेटी शिल्पा को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। अब शिल्पा 26 जनवरी को होने वाली परेड में भी शामिल होंगी। वह गणतंत्र दिवस के लिए सजे वाहन में राजपथ पर देश के बहादुर बच्चों के साथ नजर आएगी।

बहादुर बेटी शिल्पा को इस बार वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया था। शिल्पा को यह पुरस्कार अपने भाई की जान बचाने के लिए दिया गया। शुक्रवार को दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथों से शिल्पा ने पुरस्कार हासिल किया।

27 अक्टूबर, 2012 को बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के बडौन गांव की शिल्पा और उसका छोटा भाई अंशुल स्कूल जा रहे थे। आठवीं कक्षा में पढऩे वाले छोटे भाई पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। छोटे भाई को तेंदुए ने पूरी तरह से जबड़े में जकड़ लिया। शिल्पा ने भाई की जान बचाने के लिए तेंदुए पर अपने स्कूल बैग से हमला करना शुरू कर दिया। काफी देर तक वह तेंदुए के साथ लड़ती रही। तेंदुआ शिल्पा की हिम्मत के आगे हार गया और भाग खड़ा हुआ। शिल्पा ने अपने भाई को तेंदुए से छुड़ाकर नई जिंदगी दी।

शिशु कल्याण परिषद ने खर्च किया वहन

भारतीय शिशु कल्याण परिषद दीन दयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली की ओर से शिल्पा को उसके अदम्य साहस के लिए ये सम्मान दिया गया है। इस संबंध में कुमारी शिल्पा को परिषद ने निमंत्रण पत्र भेजा था। कुमारी शिल्पा के दिल्ली आने और जाने के अलावा बोर्डिंग लॅजिंग का खर्चा भारतीय शिशु कल्याण परिषद ही वहन कर रहा है। उसके साथ उसके पिता राकेश कुमार शर्मा भी गए हैं। उनका खर्च भी परिषद द्वारा ही उठाया जा रहा है।

बेटी ने किया नाम

शिल्पा के पिता राकेश कुमार शर्मा हिम बुनकर सहकारी संस्था कुल्लू में बतौर सेल्समेन कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बेटी ने उनका सिर गर्व से ऊंचा किया है।

प्रधानमंत्री के सामने खड़े होना सपने जैसा: शिल्पा

 मैं जब प्रधानमंत्री के सामने खड़ी थी, यह मुझे सपना लग रहा था। वह मुझे कह रहे थे, शाबाश बेटी ऐसे ही वीरता के काम करते रहो। जब पुरस्कार दिया तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यदि मेरे भाई की जगह उस समय कोई दूसरा भी होता तो उसे बचाने के लिए भी मैं तेंदुए के साथ लड़ जाती।

कुमारी शिल्पा, राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार विजेता

बेटी है अनमोल - नई दिल्ली में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा


15 वर्षीय शिल्पा सीनियर सेकंडरी स्कूल भराड़ी में साइंस की स्टूडेंट है। उसका सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। उन्हें सीपीएस राजेश धर्माणी भी सम्मानित कर चुके हैं।