- Hindi News
- शिमला, मंडी और कांगड़ा में खुलेंगी क्लस्टर यूनिवर्सिटी
शिमला, मंडी और कांगड़ा में खुलेंगी क्लस्टर यूनिवर्सिटी
जोगेन्द्र शर्मा - शिमला
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान ((रूसा)) के तहत कॉलेज स्तर की शैक्षणिक प्रणाली में बड़ा बदलाव होगा। प्रदेश के तीन जिलों में क्लस्टर यूनिवर्सिटीज बनेंगी। हायर एजुकेशन काउंसिल ने इसे मंजूरी दे दी है। अब प्रपोजल तैयार कर इसे केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को भेजा दिया गया है।
वहां से अंतिम मंजूरी के बाद क्लस्टर यूनिवर्सिटी खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि, यह यूनिवर्सिटीज को खुलने का प्रावधान रूसा में है, इस कारण इसे मंजूरी मिलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। शिमला, मंडी और कांगड़ा में क्लस्टर यूनिवर्सिटीज खुलेगी। ये यूनिवर्सिटी जिलों के कॉलेजों की हर तरह की शैक्षणिक गतिविधियों को चलाएगी। इससे एचपीयू पर से बोझ घटेगा।
एचपीयू के डीन ऑफ स्टडीज प्रो. सुरेश कुमार का कहना है कि क्लस्टर यूनिवर्सिटीज को लेकर हायर एजुकेशन योजना की बैठक में इस पर चर्चा हुई। क्लस्टर यूनिवर्सिटीज खुलने से एचपीयू से बोझ घटेगा। क्लस्टर यूनिवर्सिटीज को तीन जिलों में शुरू किया जा रहा है। यह वहां के कॉलेजों की शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों को चलाएगी। इन यूनिवर्सिटीज के लिए अलग से कोई भवन नहीं बनेगा, यह किसी एक चुने हुए कॉलेज से अपनी शैक्षणिक गतिविधियां चलाएगी। जिला के कॉलेजों में फीस स्ट्रक्चर, परीक्षाएं और अन्य प्रकार की एडमिनिस्ट्रेटिव कार्य प्रणाली चलेगी। अभी एचपीयू ही सभी तरह का काम देखता है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इन यूनिवर्सिटीज में कुलपति का पद स्वीकृत किया जाता है या नहीं।
मिलेगी 55 करोड़ की ग्रांट
पांच हजार छात्र होने जरूरी
क्लस्टर यूनिवर्सिटीज खोलने के लिए तीन वर्ष में उच्च शिक्षा के तहत 55 करोड़ की ग्रांट केंद्र
से मिलेगी।
रूसा सिस्टम के तहत प्रावधान है कि जिन कॉलेजों में पांच हजार छात्रों की संख्या होगी, वहां क्लस्टर यूनिवर्सिटीज खोली जाएगी। ऐसे में प्रदेश के तीन जिला कांगड़ा, शिमला और मंडी में बड़े कॉलेज हैं। ऐसे में यहां इसे खोला जा रहा है।
: क्लस्टर यूनिवर्सिटीज खुलने से शिक्षा के क्षेत्र में कई तरह के व्यापक बदलाव लाए जा सकते है। शिक्षक द्वारा कक्षाएं लगाने पर चैक रहेगा।
: सरकार का सीधा नियंत्रण रहेगा।
: परिणाम भी जल्दी निकलेंगे : रूसा सिस्टम में जिस तरह के समेस्टर है, उसके लिए सिलेबस भी अपडेट होता रहेगा।
ये होगा फायदा