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एचपीयू में ३०० को मिलेगा रोजगार

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में लगभग तीन सौ पद शिक्षकों और गैर शिक्षकों के भरे जाएंगे। ईसी ने इसे मंजूरी दे दी है। अब सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। रिक्त पदों को भरने से जहां कर्मचारियों पर काम का बोझ कम होगा, वहीं छात्रों को भी शिक्षक मिलेंगे।
उन विभागों में नई भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को नियुक्ति दी जाएगी, जहां पर उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। खाली पद उन्हीं विभागों में भरे जाएंगे जिन विभागों के मामले न्यायालय में विचाराधीन नहीं है। एचपीयू में वर्तमान में 565 पद रिक्त पड़े हुए है। जिसमें 232 शिक्षकों के और 333 गैर शिक्षकों के पद रिक्त है। एचपीयू के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का कहना है कि ईसी ने रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी के विजन को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास हो रहे हैं।




रिक्त पद, छात्रों पर भारी

शिक्षकों की कमी का खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं। छात्रों को पीएचडी के लिए गाइड नहीं मिल रहे। एक गाइड के अधीन आठ छात्र पीएचडी कर रहे हैं। कई तो नेट क्वालीफाई भी हैं लेकिन उन्हें गाइड नहीं मिल पा रहा हैं। विवि प्रशासन के खाली पदों को भरने के बाद जहां विवि में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं छात्रों को भी राहत मिलेगी।



बीते दिनों हुई ईसी की बैठक में शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों के रिक्त पदों का पूरा ब्योरा ईसी ने प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। ईसी सदस्य चौधरी बरयाम सिंह बैंस ने पिछली बैठक में मामला उठाया था कि विवि में शिक्षकों व गैर शिक्षकों के कितने पद सृजत हैं व इनमें कितने खाली हैं। पूरा खाका ईसी की बैठक में रखने को कहा था। रिपोर्ट ईसी में रखी गई तो पता लगा कि 565 पद खाली पड़े हुए हैं।

एचपीयू के कई विभाग एक व दो शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। हिंदी, संस्कृत, विजुअल आट्र्स, शारीरिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की काफी कमी चली हुई है। हिंदी विभाग में सिर्फ एक ही प्रोफेसर है। केमिस्ट्री विभाग में भी 10 के करीब पद खाली है। संस्कृत, शारीरिक शिक्षा सहित अन्य विभागों में भी ऐसा ही आलम है। गेस्ट फैकल्टी से यहां पर कक्षाएं लगाई जा रही है। प्रशासन ने वर्ष 2012 में सहायक प्रोफेसरों के पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की थी। 37 पदों के लिए साक्षात्कार भी आयोजित हुए थे। भर्ती प्रक्रिया पर विवाद होने के बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

ईसी ने मांगा था खाली पदों का ब्योरा

कई विभागों में एक ही शिक्षक

ईसी ने दी मंजूरी

पहले चरण में लगभग 100 शिक्षकों और 200 गैर शिक्षकों के पद भरे जाएंगे