पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ईसी सदस्यों को लिखा पत्र, फीस न बढ़ाओ

ईसी सदस्यों को लिखा पत्र, फीस न बढ़ाओ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - शिमला
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लॉ कॉलेज चौड़ा मैदान में छात्रों से लेट फीस वसूलने का विरोध किया है। एबीवीपी का कहना है कि छात्रों को बिना सूचना दिए ही कक्षाएं लगानी शुरू कर दी। छात्र जब कक्षाओं में लौटे तो उनसे 2500 रुपए लेट फीस देने के लिए कहा गया। एबीवीपी के प्रांत मंत्री अजय ठाकुर का कहना है कि यूनिवर्सिटी की ओर से जो भी शैक्षणिक संस्थान संचालित किए जा रहे है, वहां भी छात्रों से मनमानी फीस वसूली जा रही है।
बिना कारण ही लेट फीस ली जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासन का कॉलेज पर कोई चेक नहीं है। इसी कारण वह अपनी मर्जी से ही फीस वसूलते हैं। एबीवीपी का कहना है कि यदि लेट फीस लेना बंद नहीं किया तो वह छात्रों को लामबंद करके कैंपस में आंदोलन करेंगे। उधर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एनके गुप्ता का कहना है कि लेट फीस लेने के संबंध मेें वह पूरी जानकारी लेंगे। इसके बाद ही कुछ कह पाएंगे।
एबीवीपी ने यूनिवर्सिटी के ईसी सदस्यों को पत्र लिखकर प्रस्तावित फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है। यूनिवर्सिटी इकाई उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा का कहना है कि पिछली बार प्रशासन ने 10 फीसदी फीस बढ़ाई थी। इस बार 25 फीसदी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि यदि फीस बढ़ाई गई तो प्रशासन के खिलाफ वह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।



एससीए ने कहा, नहीं बढऩे देंगे फीस

शिमला - एचपी यूनिवर्सिटी में 25 फीसदी फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रस्ताव तैयार करने वाली रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष प्रो. सुरेश कुमार को एससीए ने ज्ञापन सौंपा। एससीए के पदाधिकारियों ने मांग की है कि कमेटी ने जो प्रस्ताव बनाया है, उसे रद्द कर दें। ताकि छात्रों पर फीस बढ़ोतरी का बोझ न पड़े। एससीए अध्यक्ष राजन हारटा का कहना है कि प्रशासन पहले ही नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को बढ़ाकर छात्रों से भारी भरकम फीस वसूल रहा है। ऐसे में अब छात्रों पर फीस बढ़ोतरी का बोझ नहीं पडऩा चाहिए। 30 जनवरी को होने वाली ईसी की बैठक में प्रशासन को फीस न बढ़ाने का निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि कैंपस में छात्रों को वह सुविधाएं नहीं दी जा रही है। जो अन्य यूनिवर्सिटीज में दी जाती है। पिछली बार भी फीस बढ़ाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी छात्रों को सुविधाएं नहीं दी जा रही है। कक्षा में बैठने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है।कमेटी के अध्यक्ष प्रो. सुरेश कुमार का कहना है कि फीस बढ़ाने पर अभी कोईफैसला नहीं हुआ है।