पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गेयटी में पहाड़ी कवियों ने बांधा समा

गेयटी में पहाड़ी कवियों ने बांधा समा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शिमला - आकाशवाणी शिमला की ओर से गेयटी थियेटर में बुधवार को पहाड़ी कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अभियांत्रिकी सुनील भाटिया और कार्यक्रम प्रमुख देवेंद्र सिंह ने दीप प्रज्जवलन के साथ किया। हिमाचल के जाने माने कवियों ने पहाड़ी कविताएं पढ़ी। डॉ.पीयूष गुलेरी ने सौणा होऐ मुस्कल जे, तां दस्सा क्या करिये जी, टौणा होए हाकम जे, तां दस्सा क्या करिये जी कविताओं की प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया। वहीं डॉक्टर गौतम शर्मा व्यथित ने अपनी कविता में धूप स्याली थी जहां पिआर था सजरा, अंगणे छूही ढली गिया कोई की प्रस्तुति दी। इसके अलावा डॉ. रजनी कांत की कविता में कालजु होए लीरोलीर तां गजल ग्लोंदी है। अश्वनी गर्ग, त्रिलोक सूर्यवंशी, सीआर बी ललित, नरेंद्र अरुण, हेमानंद शर्मा आदि कवियों ने प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर कार्यक्रम निष्पादक निदेशक हीर चंद नेगी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।