प्रभावितों की मदद करे प्रशासन: सुरेश
शिमला - भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज व शिमला भाजपा मंडलाध्यक्ष विशेषवर नाथ, मीडिया प्रभारी राज कुमार अग्रवाल व सभी पदाधिकारियों ने लोअर बाजार में हुई आगजनी से प्रभावित व्यापारियों की सहायता का मामला उठाया है। प्रशासन स्थानीय लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करे। ताकि दुकानें व मकान दोबारा बन सकें।
छुटिट्यां मनाने पंचकूला गया था, आग की खबर सुनते ही होश उड़ गए
निहाला मल राम लोक दुकान के मालिक बोध स्वरूप पिछले 15 दिन से अपने बेटे के पास परिवार सहित पंचकूला छुट्टियां मनाने गए थे। जैसे ही खबर मिली कि उनकी दुकान में आग लग गई है तो वहां से बेटे के साथ पूरा परिवार गाड़ी लेकर शिमला पहुंच गया। शाम सात बजे जैसे ही पहुंचा तो दुकान का मंजर देख मेरे तो होश ही उड़ गए। पूरे जीवन भर की कमाई कुछ आग में और कुछ पानी में मिल गई। सुबह से अभी तक कुछ नहीं खाया है बेटा,बहू, पत्नी अंदर खराब पड़े हुए समान को साफ करने में लगे हैं और काफी सामान चोरी भी हो गया। लगभग चार लाख के करीब नुकसान हो गया है। अभी प्रशासन की तरफ से दस हजार रुपए की राहत मिली है इन रुपयों से क्या होगा।
बोध स्वरूप की दुकान के अंदर पानी भर गया और स्टोर में रखा हौजरी का सामान जल गया है।
वैद्य सतीश कुमार की दुकान जलने के बाद कुछ भी नहीं बचा, व्यापार मंडल के उपप्रधान डीपी पुरी उन्हें आश्वासन देते हुए ।
कारोबारी अनीता, भतीजा, बड़ी दीदी और परिवार के अन्य सदस्यों ने सब कुछ जलने के बाद अंगीठी के सहारे सारी रात सड़क पर गुजारी।
ऐसी आग फिल्मों में देखी है
सब कुछ जला, प्रशासन ने दिए दस हजार, इनका क्या करूं
ऐसी आग कभी नहीं देखी। आग बड़ी देखी फिल्मों में देखी है। ऐसा कभी नहीं हुआ। जैसे ही आग लगी वाईन शॉप में बोतलों की तो तड़ तड़ लगी। लोअर बाजार के जाने माने वैद सतीश कुमार शर्मा प्रतिदिन सुबह दस बजे अपनी दुकान पहुंचते थे। लेकिन बुधवार सुबह सात बजे ही दुकान पहुंच गए। पूरी रात ठीक से नहीं सो पाए बस यही चिंता सता रही थी कि अब मरीजों की नब्ज कैसे टटोलेंगे और इलाज कैसे करुंगा दवाइयों को कैसे बनाएंगे। आज तक हजारों मरीजों को ठीक कर चुके है। उनका कहना है कि जिस समय आग लगी उस समय उनकी दुकान में बीस महिलाएं ओर पांच आदमी बैठे थे और कुछ दुकान के बाहर लाइनों में लगे थे। आग का नाम सुनते ही उन्होंने पीछे कुछ नहीं देखा बस बाहर भाग निकले। उनका कहना है कि उनक ी कीमती दवाइयां, जड़ी बूटियां, पुरानी किताबें, घर का समान सब जलकर राख हो गया है।
हर रोज सुबह साढ़े दस बजे दुकान खोलती थी लेकिन आज क्या करूंगी। कारोबारी अनीता का कहना है कि पल भर में ही आंखों के सामने देखते ही देखते सब कुछ राख हो गया। बड़ी दीदी आशा, भतीजा रोहित, भाई दयाल सभी लोग रात भर बाजार की सड़क पर अंगीठी जलाकर बैठे रहे और अपनी दुकान और घर जो राख हो गया उसे देखते रहे। जीवन भर की पूंजी सब राख हो गया है। आज कुछ भी खाने का मन नहीं है। अनीता आंखों में आंसू टपक रहे थे। उन्होंने रोते हुए बताया कि मेरे भाई दयाल की एक ओर वाइन शॉप थी दूसरी ओर हमारी जूतों को बनाने की दुकान। साथ ही रहने के लिए कमरा और रसोईघर भी था। सब जलकर राख हो गया है। कुछ भी नहीं बचा है। प्रशासन ने दस हजार दिया है इससे क्या करेंगे।
लोअर बाजार का दर्द
रोज सुबह दुकान खोलती थी आज क्या करूं: अनीता
सभी सरकारी भवनों पर लगें सायरन
प्रशासन ने दी पांच और दस हजार की सहायता, नुकसान ज्यादा का