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दाम तय करने के लिए प्रदेश में एक समान पॉलिसी बनाने की मांग

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - मंडी
सीटू से संबंधित परचून फल एवं सब्जी विक्रेता यूनियन 7 फरवरी को शिमला में राज्य स्तरीय अधिवेशन कर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मांग पत्र सौंपेगी। यह निर्णय मंडी में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, बिलासपुर और शिमला जिला के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान सभी प्रतिनिधियों ने प्रदेश में फलों व सब्जियों के दाम निर्धारण करने के लिए एक समान पॉलिसी बनाने की मांग की गई। वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन अलग-अलग मापदंडों के आधार पर लाभांश व सब्जियों के रेट तय कर रहा है।
मंडी न होने पर अलग हो मापदंड
जिला प्रशासन विक्रेताओं को सब्जी व फलों के गलने-सडऩे व ग्रेडिंग से होने वाले नुकसान को नजर अंदाज कर रहा है। वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में सब्जी मंडी नहीं है। वहां विक्रेताओं को दूर से सब्जी लानी पड़ती है जिसके लिए अतिरिक्त भाड़ा खर्चना पड़ता है। इन सभी बातों को भी भाव निर्धारित करते समय प्रशासन को ध्यान में रखना होगा।
लाभांश के अतिरिक्त मिले खर्चा
यूनियन की मांग है कि 25 प्रतिशत लाभांश के अलावा 35 प्रतिशत खर्चा अन्य मुद्दों पर निर्धारित होना चाहिए, जिसमें मार्केट फीस व थोक मार्केट की कमीशन से परचून की दुकान तक लाने का भाड़ा व मजदूरी और ्िरलफाफे, कैरी बैग देने के अतिरिक्त सब्जियों व फलों के गलने-सडऩे एवं वजन में हर रोज होने वाली कमी के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत अतिरिक्त खर्चा शामिल होना चाहिए।
सुरेंद्र कुमार बने प्रदेश संयोजक
बैठक के दौरान फल व सब्जी विक्रेताओं व रेहड़ी फड़ी वर्कर्ज यूनियन की राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया, जिसमें मंडी जिला के प्रधान सुरेंद्र कुमार को संयोजक और शिमला के सुरेंद्र बिटटू को सह संयोजक चुना गया। इसके अलावा देशराज राणा, किशोरी लाल ढटवालिया, ठाकुर दास ,विजय कुमार, तिलक राज, टेक सिंह व रिझू राम को सदस्य बनाया गया। सात फरवरी को शिमला में हो रहे अधिवेशन में राज्य कमेटी का विधिवत रूप से गठन किया जाएगा।