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सीएचसी और अस्पताल में एंबुलेंस नहीं

8 वर्ष पहले
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अशोक - बोकारो
जिले के कई ऐसे सीएचसी और अस्पताल हैं जहां आज तक एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध नहीं हो पायी। सांसद और विधायकों को तो इसकी कोई मतलब नहीं है। एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता लाचारी में निजी एंबुलेंस का सहयोग लेती है। सांसद और विधायक मद से मिले एंबुलेंस भी निजी बन चुके हैं। क्योंकि इसके लिए मरीजों को भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में बेहतर चिकित्सा का दावा पूरी तरह से खोखला साबित हो रहा है।



सिविल सर्जन से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि इसके बारे में डीपीएम ही बता सकते हैं। डीपीएम रविशंकर ने बताया कि सदर अस्पताल का तो अभी हाल ही में प्रस्ताव भेजा गया है। जहां तक सीएचसी चंदनकियारी, एसडीएच तेनुघाट, एसडीएच फुसरो के लिए तो कई बार लिखा जा चुका है। हमें उम्मीद है कि जल्दी से जल्दी एंबुलेंस उपलब्ध करा दिया जाएगा।

डॉ.एसबीपी सिंह, सिविल सर्जन, बोकारो

अनुमंडलीय अस्पताल फुसरो भी एक ऐसा ही अस्पताल है, जहां पर आज भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण यहां के मरीजों को अगर आपात स्थिति में एंबुलेंस की आवश्यकता होती है तो वहां के मरीज को अस्पताल पहुंचने के लिए निजी वाहनों का ही सहारा लेना पड़ता है। अस्पताल को आज तक उपेक्षित रखने के कारण ही यह लोगों से दूर होता जा रहा है।

डॉ. एसपी सिंह, उपाधीक्षक, एसडीएच फुसरो.

चंदनकियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी सरकारी एंबुलेंस नहीं है। यहां के विधायक और सांसद ने निजी संस्थाओं को तो एंबुलेंस जरूर दे दिया है। पर वहां के सीएचसी में एक भी एंबुलेंस नहीं दिया गया। जिसके कारण आज भी वहां के मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने या ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

डा.अवधेश कुमार, प्रभारी, सीएचसी चंदनकियारी।

जिले के नवनिर्मित सदर अस्पताल बोकारो को चालू हुए ढाई महीने हो गए। दो महीने से तो यहां पर बंध्याकरण व एनएसवी का कार्य चल रहा है। पर यहां पर ऑपरेशन के लिए मरीजों को एंबुलेंस के बजाय आज भी ऑटो से ही लाया ले जाया जाता है। जिसकी वजह से ऑपरेशन के बाद मरीजों को जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि प्रस्ताव भेजा जा चुका है। डॉ.अर्जुन प्रसाद, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बोकारो

कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है

एसडीएच फुसरो में नहीं है एंबुलेंस

सीएचसी एंबुलेंस विहिन : डा.अवधेश

सदर में एंबुलेंस है ही नहीं : उपाधीक्षक

यह हो रही है परेशानी

जिले के सदर, अनुमंडलीय और सीएचसी में बंध्याकरण, एनएसवी और आईयूसीडी के तहत कई कार्यक्रम चल रहे हैं। पर वहां पर मरीजों को ऑपरेशन के लिए आने जाने में भारी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं कुछ अस्पताल तो ऐसे भी हैं जहां आपात स्थिति में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिले के सदर अस्पताल के अलावा सीएचसी चंदनकियारी, फुसरो अनुमंडलीय अस्पताल तो एंबुलेंस के बगैर राम भरोसे हंै। जबकि कुछ अस्ताल में है भी तो या तो खराब पड़ा हुआ है या फिर दूर भेजने की स्थिति में ही नहीं है। अब जिस जिले में अस्पताल ही बगैर एंबुलेंस के हों वहां की स्थिति वैसे ही समझी जा सकती है।

बेहतर चिकित्सा सेवा देने का दावा हो रहा खोखला साबित, लोगों में पनप रहा है आक्रोश