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दूसरे दिन भी रही अनुसचिवीय कर्मचारी संघ की हड़ताल

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बोकारो
झाारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ ((समाहरणालय संवर्ग)) के आह्वान पर जिले के अनुसचिवीय कर्मी बुधवार को दूसरे दिन भी बेमियादी हड़ताल पर रहे। अनुसचिवीय कर्मी दूसरे दिन भी धरना पर बैठे। अनुसचिवीय कर्मी लंबित१८ सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन भी जिले के सभी सरकारी कार्यालयों का कामकाज ठप रहा है। अनुसचिवीय कर्मियों की हड़ताल के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग सरकारी कार्यालय पहुंचकर वापस लौट जा रहे हैं। वहीं सहायकों की कमी के कारण अधिकारियों को भी काम करने में परेशानी हो रही है। अधिकारी लोगों को अनुसचिवीय कर्मी के हड़ताल समाप्त होने के बाद आने की सलाह दे रहे हैं। कई सरकारी कार्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई है। जबकि अधिकारियों को लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी है। झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ जिला शाखा के अध्यक्ष नारायण राम महतो ने बताया कि बेमियादी हड़ताल के प्रथम दिन से ही जिले के विभिन्न विभागों का कार्य चरमरा गया है। धरना में मुख्य रूप सुकुमार मरांडी, ललित कुमार सिन्हा, मुकुल चटर्जी, प्रमोद कुमार, रामजी प्रसाद रजक, मनोज कुमार, संतोष कुमार सिंह, कुमार संजीव, लक्ष्मी नारायण, रामकुमार, विजय कुमार, प्रेमनाथ सिंह चौधरी, कुमार सुबोध सिन्हा, अभय कुमार पंकज, मिथिलेश प्रसाद आदि मौजूद थे।



झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ की हड़ताल ११ फरवरी से

झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के महासचिव पुरुषोत्तम साहु ने ११ फरवरी से बेमियादी हड़ताल की घोषणा की है। वहीं झारखंड राज्य अनुसचिवीय कर्मचारी संघ((समाहरणालय संवर्ग)) के कर्मी २१ फरवरी से बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। यह संघ इससे पहले भी कई आंदोलन कर चुका है। इसमें चार दिसंबर २०१२ को काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया। फिर १८ दिसंबर को जिला मुख्यालय में धरना दिया। वहीं आठ जनवरी को राज्य स्तर पर बिरसा चौक में एक दिवसीय धरना दिया गया। इसके बाद २१ से अनुसचिवीय कर्मी बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ के महासचिव ने १९ जनवरी को हड़ताल के निर्णय हेतु सामान्य परिषद की बैठक भी बुलाई थी। बताते चलें कि संघ की १८ सूत्री मांगों को लेकर सरकार के प्रधान सचिव आदित्य स्वरूप ने महासचिव को पत्र लिखकर कहा था कि १८ मार्च २०१३ को मुख्य सचिव झारखंड के सभाकक्ष में संघ के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ वार्ता की गई जिसमें प्रधान सचिव कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग एवं प्रधान सचिव वित्त विभाग भी उपस्थित थे।