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सभी इस्पात कर्मियों की नजर 25 की बैठक पर
छह प्रतिशत फ्रिंज बेनीफीट में भी समझौता होने की पूरी उम्मीद
फोटो फाइल संख्या-23 बोकारो 118 से 121 में।
कैप्शन- बीडी प्रसाद, अनिरुद्ध, राजेंद्र सिंह, बीएन चौबे
भास्कर न्यूज, बोकारो
सेल के सभी इस्पातकर्मियों की नजर आगामी 25 जनवरी को नई दिल्ली में होनेवाली एनजेसीएस की बैठक पर लगी है। वेज रिवीजन जहां 17 या 17.5 प्रतिशत मिनिमम गारंटीड बेनीफीट पर होने की उम्मीद है। वेज रिवीजन में काफी विलंब हो जाने की वजह से सभी यूनियनों के नेता भी इस बार की बैठक में वेज रिवीजन व समझौता करने को आतुर दिख रहे हैं। वहीं वेज रिवीजन के साथ ही फ्रिंज बेनीफीट पर भी समझौता होने की उम्मीद है। लेकिन कितने प्रतिशत पर समझौता होगा, यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। प्रबंधन जहां पांच प्रतिशत फ्रिंज बेनीफिट देने को तैयार है, वहीं यूनियन नेता इसे आठ प्रतिशत तक करने की मांग कर रहे हैं। वेज रिवीजन का तो एरियर भी मिलता है। लेकिन फ्रिंज बेनीफिट का एरियर भी नहीं मिलता है। जिसकी वजह से समझौते में जितनी देर हो रही है, मजदूरों को उतना ही नुकसान हो रहा है।
नहीं हुआ समझौता तो होगी हड़ताल : अनिरुद्ध
एटक से संबद्ध इस्पात मजदूर मोर्चा के महामंत्री अनिरुद्ध ने कहा कि वेज रिवीजन 17.5 प्रतिशत लगभग तय हो चुका है। वहीं फ्रिंज बेनीफिट में आठ प्रतिशत की मांग की जा रही है। जबकि प्रबंधन की ओर से मात्र छह प्रतिशत देने की बात हो रही है। कुल मिलाकर अगर इस बार वेज रिवीजन पर समझौता नहीं हुआ, तो सीधे हड़ताल होगी।
इस बार हो जाएगा वेज रिवीजन : चौबे
इंटक से संबद्ध बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन के महामंत्री बीएन चौबे ने कहा कि इस बार 25 को होने वाली एनजेसीएस की बैठक में वेज रिवीजन पर पूरी तरह से समझौता हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 17 प्रतिशत एमजीबी पर वेज रिवीजन और छह प्रतिशत फ्रिंज बेनीफिट पर समझौता होगा।
वेज रिवीजन की है पूरी उम्मीद : राजेंद्र
एचएमएस से संबद्ध क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि 25 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाली एनजेसीएस की बैठक में हम सभी यूनियन नेताओं की ओर से यह प्रयास रहेगा कि उस दिन वेज रिवीजन व फ्रिंज बेनीफिट दोनों पर समझौता हो जाए। क्योंकि काफी विलंब हो चुका है।
17.5 पर होगा वेज रिवीजन : प्रसाद
सीटू से संबद्ध इस्पात मजदूर मोर्चा के महामंत्री बीडी प्रसाद ने कहा कि इस 25 जनवरी को नई दिल्ली में होनेवाली एनजेसीएस की बैठक में 17.5 प्रतिशत में वेज रिवीजन होने की पूरी उम्मीद है। साथ ही यूनियन की मांग है कि फ्रिंज बेनीफिट कम से कम आठ प्रतिशत में तय हो। ठेका मजदूरों का भी न्यूनतम वेज निर्धारित हो जाए।
नहीं हुआ समझौता तो होगी हड़ताल : अनिरुद्ध
एटक से संबद्ध इस्पात मजदूर मोर्चा के महामंत्री अनिरुद्ध ने कहा कि वेज रिवीजन 17.5 प्रतिशत लगभग तय हो चुका है। वहीं फ्रिंज बेनीफिट में आठ प्रतिशत की मांग की जा रही है। जबकि प्रबंधन की ओर से मात्र छह प्रतिशत देने की बात हो रही है। कुल मिलाकर अगर इस बार वेज रिवीजन पर समझौता नहीं हुआ, तो सीधे हड़ताल होगी।
इस बार हो जाएगा वेज रिवीजन : चौबे
इंटक से संबद्ध बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन के महामंत्री बीएन चौबे ने कहा कि इस बार 25 को होने वाली एनजेसीएस की बैठक में वेज रिवीजन पर पूरी तरह से समझौता हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 17 प्रतिशत एमजीबी पर वेज रिवीजन और छह प्रतिशत फ्रिंज बेनीफिट पर समझौता होगा।
वेज रिवीजन की है पूरी उम्मीद : राजेंद्र
एचएमएस से संबद्ध क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि 25 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाली एनजेसीएस की बैठक में हम सभी यूनियन नेताओं की ओर से यह प्रयास रहेगा कि उस दिन वेज रिवीजन व फ्रिंज बेनीफिट दोनों पर समझौता हो जाए। क्योंकि काफी विलंब हो चुका है।
17.5 पर होगा वेज रिवीजन : प्रसाद
सीटू से संबद्ध इस्पात मजदूर मोर्चा के महामंत्री बीडी प्रसाद ने कहा कि इस 25 जनवरी को नई दिल्ली में होनेवाली एनजेसीएस की बैठक में 17.5 प्रतिशत में वेज रिवीजन होने की पूरी उम्मीद है। साथ ही यूनियन की मांग है कि फ्रिंज बेनीफिट कम से कम आठ प्रतिशत में तय हो। ठेका मजदूरों का भी न्यूनतम वेज निर्धारित हो जाए।
17 या 17.5 फीसदी एमजीबी व 6 फीसदी फ्रिंज बेनिफिट पर हो जाएगा वेज रिवीजन
भास्कर न्यूज - बोकारो
सेल के सभी इस्पातकर्मियों की नजर आगामी 25 जनवरी को नई दिल्ली में होनेवाली एनजेसीएस की बैठक पर लगी है। वेज रिवीजन जहां 17 या 17.5 प्रतिशत मिनिमम गारंटीड बेनीफीट पर होने की उम्मीद है। वेज रिवीजन में काफी विलंब हो जाने की वजह से सभी यूनियनों के नेता भी इस बार की बैठक में वेज रिवीजन व समझौता करने को आतुर दिख रहे हैं। वहीं वेज रिवीजन के साथ ही फ्रिंज बेनीफीट पर भी समझौता होने की उम्मीद है। लेकिन कितने प्रतिशत पर समझौता होगा, यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। प्रबंधन जहां पांच प्रतिशत फ्रिंज बेनीफिट देने को तैयार है, वहीं यूनियन नेता इसे आठ प्रतिशत तक करने की मांग कर रहे हैं। वेज रिवीजन का तो एरियर भी मिलता है। लेकिन फ्रिंज बेनीफिट का एरियर भी नहीं मिलता है। जिसकी वजह से समझौते में जितनी देर हो रही है, मजदूरों को उतना ही नुकसान हो रहा है।