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सुरमयी संध्या के साथ बीएसएल कर्मियों ने मनाई गोल्डेन जुबली

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बोकारो
नगर के मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम में अठारह हजार कर्मियों और इनके परिजनों ने फिल्मी पाश्र्व गायक शान की सुरमयी संध्या के साथ गोल्डेन जुबली कार्यक्रम का आनंद उठाया। शिव स्तुति पर विधा लाल और साथियों की नृत्य प्रस्तुति और सीईओ अनुतोष मैत्रा व श्रीमती मंजुला मैत्रा के दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। फिर बोकारो स्टील के पचास वर्ष पूरे होने पर एक डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच शान ने डान फिल्म के पहचान मैं हूं कौन... के साथ सुरमयी संध्या का आगाज किया। भव्य स्टेज और बिजली के असंख्य लट्टुओं से जगमगाती शाम बोकारो इस्पात के लिए यादगार बन गई। कई दशकों के बाद ऐसे आयोजन को लेकर नगरवासियों में भारी उत्साह था। लोग एमकेएम स्टेडियम में उमड़ पड़े थे। अपनी प्रस्तुतियों से शान ने सबका दिल जीत लिया। बीच में अपने पिता संगीतकार मानस मुखर्जी के भोजपुरी फिल्म के एक गीत केने केने जाईं... को गाया। फिर लोगों की फरमाइश पर जब लगावेलू तू लिपिस्टिक...गाया। इस खूब तालियां बजी। इसके बाद शान ने जबसे तेरे नैना... , दिल ने तुमको चुन लिया...तूने मुझे पहचाना नहीं...जैसे कई गीत पेश किये। लोगों की खूब वाहवाही बटोरी। शान गीतों पर थिरक भी रहे थे। शान के साथ साथ स्टेडियम में मौजूद लोग भी थिरक रहे थे। ठंड की रात में गर्मी का अहसास करा गये शान।




लैला मैं लैला...

शान के आने पहले पाश्र्व गायिका जून मुखर्जी ने अपने गीतों से कार्यक्रम में समां बांध दिया। जून ने कई गीतों की प्रस्तुति की। इसके साथ ही जून ने एक फिल्म में गाये अपने गाने लैला मैं लैला...पेश कर सबको थिरकने के लिए विवश कर दिया। कार्यक्रम में बीएसएल के अधिशासी निदेशक, चिकित्सक और तमाम आला अफसरान मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन संचाली अरोड़ा ने किया। कार्यक्रम में इतनी ज्यादा भीड़ हो गई थी कि लोगों को समझाने और रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों को घेराबंदी करनी पड़ी। ताकि लोग स्टेज तक नहीं पहुंच जाएं।

उत्सव - पाश्र्व गायक शान व अन्य कलाकारों के साथ झूमा पूरा स्टेडियम