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पीएमसीएच में घट सकती है पीजी कोर्स की सीटें
संस्थान की जांच करने पहुंची एमसीआई की सात सदस्यीय टीम ने दिए संकेत, मानव संसाधन की है काफी कमी
भास्कर न्यूज - धनबाद
पीएमसीएच में शुरू होने वाले पीजी कोर्स की सीटें घट सकती हैं। बुधवार को आधारभूत संरचना और अन्य सुविधाओं की जांच करने आई एमसीआई की सात सदस्यीय टीम ने इसके संकेत दिए हैं। हालांकि टीम ने अधिकृत रूप से कुछ नहीं कहा है। नाम प्रकाशित नहीं करने के आग्रह के साथ टीम के एक सदस्य ने बताया कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन के भरोसे 46 सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करना संभव नहीं है। यह एमसीआई के मापदंडों पर खरा नहीं उतर पाएगा।
पीएमसीएच प्रबंधन ने 46 सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। एमसीआई ने इस संबंध में पीएमसीएच का फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू कराया है। 10 फरवरी तक अलग-अलग विभागों की आधारभूत संरचना, मानव संसाधन और अन्य सुविधाओं की जांच की जाएगी। जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों को निर्धारण किया जाएगा।
मानव संसाधन में फंसा मामला
पीएमसीएच के अधिकारियों के मुताबिक, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी के कारण पीजी की सीटें कम होने की आशंका है। संस्थान में डॉक्टरों की काफी कमी है। करीब 60 फीसदी पद रिक्त हैं। डॉक्टरों के अभाव में कई विभाग बंद पड़े हैं।
सात विभागों की हुई जांच
एमसीआई की टीम ने बुधवार को पीएमसीएच के पीएसएम, मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक, फॉर्माकोलॉजी, गायनोकोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री और पेडिएट्रिक विभाग में उपलब्ध संसाधनों और मानव बल की जांच की। इस जांच के लिए एमसीआई ने देश के अलग-अलग अस्पतालों से सात विशेषज्ञ डॉक्टरों को बतौर इंस्पेक्टर पीएमसीएच भेजा था। उन्होंने विभागों के ऑपरेशन थियेटर से लेकर वार्ड तक जांच की। साथ ही विभागाध्यक्षों और डॉक्टरों से पूछताछ भी की।कॉलेज के संसाधनों का भी जायजा लिया।
डॉक्टरों से भरवाए गए डिक्लेरेशन फॉर्म
जांच के बाद एमसीआई की टीम ने सभी डॉक्टरों से डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरवाए। इसमें सभी डॉक्टरों, उनके विभाग में मौजूद संसाधनों आदि की विस्तृत जानकारी दर्ज है।साथ ही पीएमसीएच में मौजूद चिकित्सीय व्यवस्था की भी जानकारी दर्ज की गई है।
भास्कर न्यूज - धनबाद
पीएमसीएच में शुरू होने वाले पीजी कोर्स की सीटें घट सकती हैं। बुधवार को आधारभूत संरचना और अन्य सुविधाओं की जांच करने आई एमसीआई की सात सदस्यीय टीम ने इसके संकेत दिए हैं। हालांकि टीम ने अधिकृत रूप से कुछ नहीं कहा है। नाम प्रकाशित नहीं करने के आग्रह के साथ टीम के एक सदस्य ने बताया कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन के भरोसे 46 सीटों पर पीजी की पढ़ाई संभव नहीं है। यह एमसीआई के मापदंडों पर खरा नहीं उतर पाएगा। पीएमसीएच ने 46 सीटों पर पीजी की पढ़ाई का प्रस्ताव दिया था। एमसीआई ने पीएमसीएच का फिजिकल वेरिफिकेशन इसी संबंध में शुरू कराया है।