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डाउनलोड करेंरांची. हाउसिंग कॉलोनी बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से ख़ौफज़द हो गया। दवा कारोबारी पंकज राय के ऊपर जानलेवा हमला हुआ। हाउसिंग कॉलोनी स्थित उनके आवास के पास बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने उन्हें टारगेट कर एक के बाद एक छह गोलियां चलाई। चार गोली पंकज राय को लगी, जबकि दो गोली गैरेज की गेट से टकराई। गोलियों की आवाज और पंकज की चीख सुनकर कर परिवार वाले दौड़ कर घर से बाहर निकले।
लोगों को आता देख हमलावर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। पंकज को परिवार वाले घायल स्थित में सेंट्रल अस्पताल ले आए। सेंट्रल अस्पताल में पंकज की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की विशेष टीम इलाज में जुटी है। घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी अमित कुमार, राजा राम प्रसाद सहित कई पुलिस वाले सदर थाना पहुंचे। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
ऐसे हुआ हमला
पंकज राय हर दिन की भांति रात 8:30 बजे रणधीर वर्मा चौक स्थित गंगा मेडिकल से हाउसिंग कॉलोनी स्थित अपने आवास के लिए कार से अकेले निकले। रात 8:45 बजे के करीब वह घर के पास पहुंचे। गाड़ी गैरेज में लगाने के लिए वह घर के पीछे गए। वह गाड़ी खड़ी कर गैरेज का गेट खोलने के लिए उतरे ही थे, तभी एक बाइक पर सवार तीन अज्ञात अपराधी उनके पास आकर खड़े हो गए। वह कुछ समझते, उससे पहले उनलोगों ने फायरिंग शुरू कर दी।
घटना स्थल से मिला चार खोखा
पुलिस ने घटना स्थल से चार खोखा बरामद किया है। पुलिस को गैरेज के गेट पर दो गोली का निशान मिला है। पुलिस के अनुसार पंकज को नाइन एमएम पिस्तौल से गोली मारी गई। पुलिस ने हमला में दो पिस्तौल के इस्तेमाल की संभावना जताई है।
पलभर में गुम हो गए हमलावर
घटना को अंजाम देकर अपराधी हाउसिंग कॉलोनी में ही गुम हो गए। पुलिस ने हाउसिंग कॉलोनी में तलाशी अभियान चलाया, पर उन्हें कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि अपराधी घटना के बाद गोल्फ ग्राउंड की ओर भागे। वह हाउसिंग कॉलोनी के सभी रास्ते से अवगत थे।
हमला के संभावित कारण
जमीन विवाद : पुलिस को इस हमले के पीछे जमीन विवाद दिख रहा है। पंकज ने जमीन कारोबार में तीन करोड़ से अधिक रुपए निवेश किए थे। पुलिस की जांच बताती है कि उन्होंने उदयपुर में बिगहा में जमीन खरीदा था। इसे बेचने का अधिकार उन्होंने एक अधिवक्ता को दी थी। पर उसके साथ विवाद होने के बाद उन्होंने उससे यह अधिकार ले लिया था। पुलिस की नजर उस जमीन पर भी है, जिसे पंकज गैरेज के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि तीन कट्टा की इस जमीन पर भी कुछ सालों से विवाद था।
कोयला का धंधा : पंकज राय कोयले के कारोबार से भी जुड़े हुए थे। वह डीपो लगाते थे। उन्होंने कोयले में भी करोड़ रुपए लगा रखे थे। पुलिस की जांच कोयला के धंधे से जुड़े विवाद पर भी है। पंकज कांग्रेस पार्टी और कोयले के धंधे से जुड़े होने के कारण एक बड़े घराने के करीबी माने जाते थे।
हमें भी मार दिया ....
घायल पंकज राय गोली लगने के बाद भी होश में थे। वह लोगों को पहचान रहे थे और उनसे बात भी कर रहे थे। पुलिस ने भी उनके बातचीत की। उन्होंने अपने परिवार और परिचित लोगों को सिर्फ यही कहा कि उन्हें भी मार दिया। परिचितों ने जब उनसे हमलावरों के बारे में जानना चाहा, तो उन्होंने पहचानने से इंकार कर दिया। वह सिर्फ अपने लोगों से बचा लेने की गुहार लगा रहे थे। खौफ उनके चेहरे पर दिख रहा था।
पत्नी की जुबान पर जय बाबा भोलेनाथ
घायल पंकज राय के परिवार वाले इस घटने से सहमे हुए थे। पत्नी और बेटी का हाल बेहाल था। पत्नी को अस्पताल में संभालना मुश्किल था। वह सिर्फ बाबा भोलेनाथ की जयकार लगा रही थी। बेटी द्वारा शांत करने पर वह कुछ देर खामोश होती और फिर विचलित होकर भगवान का नाम लेने लगती। पंकज चार भाई हैं। वह स्वयं सबसे बड़े हैं। उनका भाई आनंद एयर फोर्स में अधिकारी हैं। कल्याण इंजीनियर हैं, जबकि छोटा भाई राहुल डॉक्टर है। पुत्री भी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।
दवा कोराबारी को उनके घर के पास ही गोली मारी गई है। हमला का कारण स्पष्ट नहीं है। जमीन और कोयला का कारोबार जांच के केंद्र में है। जल्द ही मामले की खुलासा होगा और अपराधी पकड़े जाएंगे।
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