बॉटनी और जूलॉजी के लिए अलग-अलग प्रश्न
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने सत्र 2014 की परीक्षा में किया बदलाव
भास्कर न्यूज - धनबाद
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इंटर परीक्षा पद्धति में कई बदलाव करने का फैसला किया है। यह बदलाव वर्ष 2014 की परीक्षा से ही लागू किए जाएंगे। इसके तहत बॉयोलॉजी के प्रश्न को दो भाग में बांट दिया गया है। इसके तहत बॉटनी और जूलॉजी के लिए अलग-अलग प्रश्न और उत्तरपुस्तिका दिए जाएंगे। हालांकि दोनों की परीक्षा एक ही पाली और तीन घंटे के अंदर ही आयोजित की जाएगी। जैक के वाइस चेयरमैन डॉ. अब्दुल सुभान ने बताया कि अभी तक एक ही उत्तर पुस्तिका में दो-दो विषय के उत्तर होने की वजह से मूल्यांकन में काफी समय लगता है। एक ही उत्तर पुस्तिका को बॉटनी और जूलॉजी के शिक्षक अलग-अलग मूल्यांकन करते हैं। दोनों की उत्तरपुस्तिका अलग होने से एक ही समय में दोनों विषयों के मूल्यांकन समाप्त हो जाएगा। दोनों विषयों के प्रश्नपत्र 35-35 माक्र्स के होंगे। वहीं दोनों विषयों की प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी।
फिजिक्स व केमिस्ट्री में अब 15 अंकों के ऑब्जेक्टिव
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इंटर विज्ञान का रिजल्ट सुधारने के लिए प्रश्नपत्र की सेटिंग में कई बदलाव करने का फैसला किया है। यह बदलाव इसी सत्र से लागू किए जाएंगे। इसके तहत फिजिक्स और केमिस्ट्री में 15 अंक के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि अभी तक दोनों ही विषय में मात्र 8 प्रश्न ही ऑब्जेक्टिव पूछे जाते थे। इसके साथ ही दोनों ही विषयों में अब दो अंक के प्रश्न 10 की जगह 8 और तीन अंक के प्रश्न 9 की जगह 8 प्रश्न ही पूछे जाएंगे।
इस प्रकार होगा प्रश्नपत्र
फिजिक्स :-
प्रश्न संख्या - 1 से 8 तक एमसीक्यू
प्रश्न संख्या 9 से 15 तक बहुवैकल्पिक प्रश्न
प्रश्न संख्या 16 से 23 तक दो अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या 24 से 31 तक तीन अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या 32 से 34 तक पांच अंक का प्रश्न
केमिस्ट्री
प्रश्न संख्या एक- 15 ऑब्जेक्टिव प्रश्न
प्रश्न संख्या दो - आठ दो अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या तीन- आठ तीन अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या चार- तीन पांच अंक का प्रश्न
प्रश्न के आधे जवाब पर भी मिलेंगे अंक
मैट्रिक और इंटर परीक्षा में अब छात्र-छात्राओं को सीबीएसई पद्धति के तर्ज के स्टेप वाइस अंक दिए जाएंगे। यानी छात्र-छात्राओं को अब किसी प्रश्न के आधे जवाब पर भी अंक दिए जाएंगे। अभी तक जैक की मूल्यांकन पद्धति में आधे उत्तर पर अंक नहीं दिए जाते थे। इस संबंध में जैक के वाइस चेयरमैन डॉ. अब्दुल सुभान ने बताया कि मूल्यांकन करते वक्त शिक्षकों को छात्र-छात्राओं के प्रत्येक जवाब का मूल्यांकन करना चाहिए। जैक निरंतर रिजल्ट सुधारने के लिए प्रयासरत है। इसके में शिक्षकों की भी मदद की आवश्यकता है।
एक-दो अंक से स्टूडेंट्स को न करें फेल
शुक्रवार को जिले के विज्ञान शिक्षक और प्रधानाध्यापकों के साथ आयोजित बैठक में वाइस चेयरमैन सुभान ने बताया कि यदि छात्र-छात्राएं एक और दो अंक से फेल करते हैं, तो ऐसे स्थिति में शिक्षकों को कॉपी का रिवैल्यूएशन करना चाहिए। यदि संभव है तो किसी प्रश्न पर दिए गए अंक को रिवाइज भी करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह प्रयास करना चाहिए कि कोई भी स्टूडेंट्स एक और दो अंकों से फेल न करें।
ओवरराइटिंग से बचें शिक्षक
मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को ओवरराइटिंग से बचने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही शिक्षकों को दिए गए माक्र्स को स्पष्ट करने का भी निर्देश दिया गया। वाइस चेयरमैन ने कहा कि कई बार देखा जाता है कि कॉपी में 77 अंक होते हैं, जबकि माक्र्स फाइल में संबंधित छात्र को मात्र 7 अंक ही मिले होते हैं। ऐसी गलतियों से बचने का प्रयास करना चाहिए। मूल्यांकन केंद्र पर समय पर आने और समय पर जाने का भी निर्देश दिया गया।
प्रश्न संख्या एक- 15 ऑब्जेक्टिव प्रश्न
प्रश्न संख्या दो - आठ दो अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या तीन- आठ तीन अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या चार- तीन पांच अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या - 1 से 8 तक एमसीक्यू
प्रश्न संख्या 9 से 15 तक बहुवैकल्पिक प्रश्न
प्रश्न संख्या 16 से 23 तक दो अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या 24 से 31 तक तीन अंक का प्रश्न
प्रश्न संख्या 32 से 34 तक पांच अंक का प्रश्न
इस प्रकार होगा प्रश्नपत्र
मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को ओवरराइटिंग से बचने का दिया निर्देश
मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को ओवरराइटिंग से बचने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही शिक्षकों को दिए गए माक्र्स को स्पष्ट करने का भी निर्देश दिया गया। वाइस चेयरमैन ने कहा कि कई बार देखा जाता है कि कॉपी में 77 अंक होते हैं, जबकि माक्र्स फाइल में संबंधित छात्र को मात्र 7 अंक ही मिले होते हैं। ऐसी गलतियों से बचने का प्रयास करना चाहिए। मूल्यांकन केंद्र पर समय पर आने और समय पर जाने का भी निर्देश दिया गया।
एक-दो अंक से स्टूडेंट्स को नहीं करें फेल
शुक्रवार को प्रधानाध्यापकों के साथ आयोजित बैठक में वाइस चेयरमैन सुभान ने बताया कि यदि छात्र-छात्राएं एक और दो अंक से फेल करते हैं, तो ऐसे स्थिति में शिक्षकों को कॉपी का रिवैल्यूएशन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रयास करें कि कोई स्टूडेंट्स एक या दो अंकों से फेल न करें।
प्रश्न के आधे जवाब पर भी मिलेंगे अंक
मैट्रिक और इंटर परीक्षा में अब छात्र-छात्राओं को अब किसी प्रश्न के आधे जवाब पर भी अंक दिए जाएंगे। इस संबंध में जैक के वाइस चेयरमैन डॉ. अब्दुल सुभान ने बताया कि मूल्यांकन करते वक्त शिक्षकों को छात्र-छात्राओं के प्रत्येक जवाब का मूल्यांकन करना चाहिए।
अब 15 अंकों के वैकल्पिक प्रश्न
जैक ने इंटर विज्ञान का रिजल्ट सुधारने के लिए प्रश्नपत्र की सेटिंग में कई बदलाव करने का फैसला किया है। यह बदलाव इसी सत्र से लागू किए जाएंगे। इसके तहत फिजिक्स और केमिस्ट्री में 15 अंक के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे। अभी तक दोनों ही विषय में मात्र 8 प्रश्न ही ऑब्जेक्टिव पूछे जाते थे।
भास्कर न्यूज - धनबाद
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इंटर परीक्षा पद्धति में कई बदलाव करने का फैसला किया है। यह बदलाव वर्ष 2014 की परीक्षा से ही लागू किए जाएंगे। इसके तहत बॉयोलॉजी के प्रश्न को दो भाग में बांट दिया गया है। इसके तहत बॉटनी और जूलॉजी के लिए अलग-अलग प्रश्न और उत्तरपुस्तिका दिए जाएंगे। हालांकि दोनों की परीक्षा एक ही पाली और तीन घंटे के अंदर ही आयोजित की जाएगी। जैक के वाइस चेयरमैन डॉ. अब्दुल सुभान ने बताया कि अभी तक एक ही उत्तर पुस्तिका में दो-दो विषय के उत्तर होने की वजह से मूल्यांकन में काफी समय लगता है। एक ही उत्तर पुस्तिका को बॉटनी और जूलॉजी के शिक्षक अलग-अलग मूल्यांकन करते हैं। दोनों की उत्तरपुस्तिका अलग होने से एक ही समय में दोनों विषयों के मूल्यांकन समाप्त हो जाएगा। दोनों विषयों के प्रश्नपत्र 35-35 माक्र्स के होंगे। वहीं दोनों विषयों की प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने सत्र 2014 की परीक्षा में किया बदलाव