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यातायात पुलिस की बदसलूकी से भड़के लोगों ने रोकी सड़क

8 वर्ष पहले
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> पुलिस ने वाहन जांच के दौरान छीन ली चाबी, चालकों से धक्का-मुक्की, एसपी कार्यालय के पास सड़क पर बैठे लोग, थाने में घंटों हंगामा
भास्कर न्यूज. धनबाद
वाहन जांच के नाम पर शनिवार को एसपी कार्यालय के पास बाइक चालकों के साथ यातायात पुलिस ने बदसलूकी की। यातायात पुलिस ने बाइक चालकों की चाबी छीनी और उनके साथ धक्का-मुक्की भी की। बिना कागजात देखे, सभी की बाइक जबरन थाना परिसर में लगवा दी। हद तो तब हो गई कि जब यातायात पुलिस गर्भवती पत्नी को ले जा रहे बाइक चालक इदुल अंसारी से उलझ गई। यातायात पुलिस के इस दुव्र्यवहार से अन्य बाइक चालक भड़क गए। उन्हें भाजपा नेताओं का साथ मिला और वे सड़क पर बैठ गए। इससे धनबाद-गोविंदपुर रोड दोनों तरफ से जाम हो गया। भाजपा नेताओं ने इस मामले पर एसपी हेमंत टोप्पो को फोन कर आपत्ति जताई। एसपी की पहल पर डीएसपी यातायात अशोक तिर्की वहां पहुंचे और उन्होंने विरोध कर रहे लोगों को शांत किया। उनके समझाने पर लोग आधा घंटे बाद सड़क से हट गए, पर यातायात पुलिस कार्यालय में हंगामा किया।

शुरू कर दिया। डीएसपी कार्यालय में रखे गमलों को भी तोड़ दिया। डीएसपी ने स्वयं मामले की जांच की बात कही और लोगों को न्यूनतम जुर्माना लगाकर छोडऩे का निर्देश दिया। डेढ़ घंटे तक यातायात पुलिस कार्यालय में अराजकता की स्थिति रही।
इन बातों पर थी लोगों की अपत्ति
1. चाबी क्यों छीना : लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस के जवान नशे में थे। उन्होंने बाइक रोकी और चाबी छीन ली। उन्हें यह भी नहीं बताया कि वे ऐसे क्यों कर रहे हैं। चाबी छीन कर उन्होंने गाड़ी को अपने कब्जे में कर लिया।
2. सड़क पर नहीं देखे कागजात : यातायात पुलिस ने बाइक रोकने के बाद किसी के कागजात तत्काल चेक नहीं किए। उनसे थाने में चलने को कहा गया, जबकि कई लोग सारे नियम पर खरे उतर रहे थे। पुलिस की कार्यशैली से उनका समय बर्बाद हुआ।
3. अभद्र भाषा का इस्तेमाल : लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस की भाषा उचित नहीं थी। वह तुम-ताम पर उतारू थे। उन्होंने इस बात का भी ख्याल नहीं किया कि कोई परिवार के साथ है।
4. मुंह देख कर हो रही थी कार्रवाई : जांच के दौरान कुछ पुलिस की गाड़ी भी आई, पर उसे नहीं पकड़ा गया। उन्हें बिना जांच जाने दिया गया, जबकि कई गाड़ी में नियम के खिलाफ तीन लोग सवार थे। लोगों का गुस्सा इसे लेकर भी भड़का।
सार्जेंट मुकेश कर रहे थे नेतृत्व
यातायात पुलिस सार्जेंट मुकेश के नेतृत्व में वाहन जांच अभियान चला रही थी। लोगों का आरोप है कि सार्जेंट के सामने सिपाही धक्का-मुक्की कर रहे थे। इससे दो लोग घायल हुए। सार्जेंट लोगों का कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। लोग उनसे अपनी बात नहीं रख पा रहे थे। वह वाहन जांच के नाम पर दबंगई कर रहे थे। वहीं सार्जेंट मुकेश का कहना है कि इस घटना में राजनीति हुई है। सबकुछ नियम से हो रहा था। लोगों को भड़काया गया।




हेलमेट जांच की जा रही थी। बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों पर फाइन किया गया था। इस दौरान सड़क जाम और हंगामा हुआ। मैं पता लगा रहा हूं कि ऐसी स्थिति क्यों बनी। लोगों के आरोपों की जांच होगी। अगर पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया है या फिर किसी तरह की मनमर्जी की है तो जांच के बाद कार्रवाई होगी।ञ्जञ्ज अशोक तिर्की, डीएसपी, यातायात पुलिस।