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आईएसएम की ‘विलिज्म’ को ओवरऑल चैंपियन का खिताब

7 वर्ष पहले
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आईआईटी दिल्ली में आयोजित हुआ था ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज

भास्कर न्यूज धनबाद

इंडियन स्कूल ऑफ माइंस ((आईएसएम)) के छात्रों द्वारा बनाई गई वाई साइकिल ((विलिज्म)) को ऑवर ऑल चैम्पियन घोषित किया गया। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मेकेनिकल इंजीनियर्स ((एएसएमई)) की ओर से तीन दिवसीय ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज ((एचपीवीसी)) का आयोजन आईआईटी दिल्ली में 17 से 19 जनवरी के बीच की गई थी। प्रतियोगिता में आईएसएम मेकेनिकल इंजीनियरिंग छात्रों की तीन टीम ने अलग- अलग तीन वाई साइकिल को शामिल किया था। इसमें विलिज्म के विभिन्न प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन के वजह से ओवर ऑल चैम्पियन घोषित किया गया। वहीं दूसरे स्थान पर राजा राम बापु इंजीनियरिंग कॉलेज और तीसरे स्थान पर जामिया मिलिया इस्लामिया की टीम रही। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में देश भर के करीब 36 टीम ने हिस्सा लिया था। इसमें आईआईटी बांबे, बीआईटीएस पिलानी समेत देश के अन्य आईआईटी की टीम शामिल थी। विलिज्म की टीम में आईएसएम मेकेनिकल इंजीनियरिंग के कुल 11 स्टूडेंट्स शामिल थे।

साइकिल की जो थी खासियत

प्रतियोगिता में ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज ((एचपीवीसी)) पर आधारित था। यानी प्रतियोगिता में शामिल सभी वाई साइकिल को इस ढंग से डिजाइन किया गया था कि वह सिर्फ मानव शक्ति पर काम करने लायक हो। आईएसएम की तीनों टीम ने अपने वाई साइकिल को काफी आकर्षक ढंग से डिजाइन किया था। साइकिल की स्पीड बढ़ाने के लिए गेयर भी लगाया गया था और सेफ्टी के लिहाज से भी उसे डिजाइन किया गया था।

तीन चरण में आयोजित हुई प्रतियोगिता

पहला दिन- डिजाइन इवेंट :- इस प्रतियोगिता में विशेष कर साइकिल की डिजाइन, उसका लुक और सेफ्टी पर आधारित था। इस प्रतियोगिता में कुल 36 टीम शामिल हुई थी। इसमें आईएसएम की विलिज्म टीम को चौथा स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के जज को आईएसएम शेष दोनों डिजाइन भी काफी पसंद आया था।

दूसरा दिन- ड्रेग रेस :- यह प्रतियोगिता भी वाई साइकिल की स्पीड पर आधारित था। इस प्रतियोगिता में 430 मीटर की ट्रैक को कम से कम समय में पूरा करना था। आईएसएम की विलिज्म टीम ने इस प्रतियोगिता में मात्र 52.76 सेकेंड में तय दूरी को पूरा कर लिया। इस दौरान आईएसएम टीम की स्पीड 30 किमी प्रति घंटा था। इस प्रतियोगिता में टीम को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

तीसरा दिन - एंड्यूरेंस इवेंट :- इस प्रतियोगिता में लंबी दूरी तय करनी थी। इस प्रतियोगिता में ढाई घंटा में 1.05 किमी की 44 लेप पूरी करनी थी। इस प्रतियोगिता में आईएसएम की टीम ने 18.32 किमी प्रति घंटा की स्पीड से पूरा किया। इस प्रतियोगिता में टीम छठे स्थान पर रही। रेस के दौरान टीम को छह ड्राइवर बदली पड़ी।

इस प्रकार थी आईएसएम विलिज्म टीम

टीम में आईएसएम मेकेनिकल इंजीनियरिंग के अजहर नेहाल, संजय बहेती, विकास सिंह, आनंद कुमार, विशाल वर्णवाल, अनुज बातम, मनोज मेहता, शुभम गर्ग, प्रतिक ईरान, नीरज श्रीवास्तव, मानु बाला शामिल थे।

वर्जन

एएसएमई द्वारा आयोजित ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज ((एचपीवीसी)) की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में कुल 36 टीम शामिल हुई थी। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेज के 36 टीम शामिल हुए थे। इसमें आईएसएम की टीम विलिज्म को ओवर ऑल पहला स्थान प्राप्त हुआ है। आईएसएम टीम की साइकिल अभी तक दिल्ली से नहीं आई है। वाई साइकिल आने के बाद उसे कैंपस में प्रदर्शित की जाएगी।

प्रो विनायक रंजन, फैकल्टी एडवाइजर, एएसएमई आईएसएम चैप्टर





इस प्रतियोगिता में लंबी दूरी तय करनी थी। इस प्रतियोगिता में ढाई घंटे में 1.05 किमी की 44 लेप पूरी करनी थी। इस प्रतियोगिता में आईएसएम की टीम ने 18.32 किमी प्रति घंटा की स्पीड से पूरा किया। इस प्रतियोगिता में टीम छठे स्थान पर रही। रेस के दौरान टीम को छह ड्राइवर बदलना पड़ा।



एंड्यूरेंस इवेंट

यह प्रतियोगिता भी वाई साइकिल की स्पीड पर आधारित था। इस प्रतियोगिता में 430 मीटर की ट्रैक को कम-से-कम समय में पूरा करना था। आईएसएम की विलिज्म टीम ने इस प्रतियोगिता में मात्र 52.76 सेकेंड में तय दूरी को पूरा कर लिया। इस दौरान आईएसएम टीम की स्पीड 30 किमी प्रति घंटा थी। इस प्रतियोगिता में टीम को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

यह प्रतियोगिता विशेषकर साइकिल की डिजाइन, उसका लुक और सेफ्टी पर आधारित थी। इस प्रतियोगिता में कुल 36 टीमें शामिल हुई थीं। इसमें आईएसएम की विलिज्म टीम को चौथा स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के जजों ने आईएसएम की शेष दोनों डिजाइनों को भी पसंद किया।

ड्रेग रेस

डिजाइन इवेंट

दूसरा दिन

तीसरा दिन

पहला दिन

तीन चरण में आयोजित हुई प्रतियोगिता

टीम में आईएसएम मैकेनिकल इंजीनियरिंग के अजहर नेहाल, संजय बहेती, विकास सिंह, आनंद कुमार, विशाल वर्णवाल, अनुज बातम, मनोज मेहता, शुभम गर्ग, प्रतिक ईरान, नीरज श्रीवास्तव, मानु बाला शामिल थे।

इस प्रकार थी आईएसएम विलिज्म टीम

प्रतियोगिता ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज ((एचपीवीसी)) पर आधारित थी। यानी प्रतियोगिता में शामिल सभी वाई साइकिल को इस ढंग से डिजाइन किया गया था कि वह सिर्फ मानव शक्ति पर काम करने लायक हो। आईएसएम की तीनों टीमों ने अपने वाई साइकिल को काफी आकर्षक ढंग से डिजाइन किया था। साइकिल की स्पीड बढ़ाने के लिए गेयर भी लगाया गया था और सेफ्टी के लिहाज से भी उसे डिजाइन किया गया था।

...ये थी खासियत

आईएसएम कैंपस में भी होगा विलिज्म की साइकिल का प्रदर्शन

एएसएमई द्वारा आयोजित ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज ((एचपीवीसी)) की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में कुल 36 टीमें शामिल हुई थीं। इसमें आईएसएम की टीम विलिज्म को ओवरऑल पहला स्थान प्राप्त हुआ है। आईएसएम टीम की साइकिल अबतक दिल्ली से नहीं आई है। वाई साइकिल आने के बाद उसे कैंपस में प्रदर्शित किया जाएगा। -प्रो विनायक रंजन, फैकल्टी एडवाइजर, एएसएमई आईएसएम चैप्टर

भास्कर न्यूज - धनबाद

इंडियन स्कूल ऑफ माइंस ((आईएसएम)) के छात्रों द्वारा बनाई गई वाई साइकिल ((विलिज्म)) को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया गया। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स ((एएसएमई)) की ओर से तीन दिवसीय ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज ((एचपीवीसी)) का आयोजन आईआईटी दिल्ली में 17 से 19 जनवरी के बीच किया गया था। प्रतियोगिता में आईएसएम मैकेनिकल इंजीनियरिंग छात्रों की तीन टीम ने अलग- अलग तीन वाई साइकिल को शामिल किया था।

इसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं में विलिज्म के अच्छा प्रदर्शन की वजह से ओवर ऑल चैंपियन घोषित किया गया। वहीं दूसरे स्थान पर राजा राम बापू इंजीनियरिंग कॉलेज और तीसरे स्थान पर जामिया मिलिया इस्लामिया की टीम रही। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में देश भर के करीब 36 टीमों ने हिस्सा लिया था। इसमें आईआईटी बांबे, बीआईटीएस पिलानी समेत देश के अन्य आईआईटी की टीमें शामिल थी। विलिज्म की टीम में आईएसएम मैकेनिकल इंजीनियरिंग के कुल 11 स्टूडेंट्स शामिल थे।



आईआईटी दिल्ली में आयोजित हुआ था ह्यूमन पावर व्हीकल चैलेंज