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दो बीवियों के चक्कर में अटकी रिटायर्ड डीएसपी की पेंशन

7 वर्ष पहले
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> 14 माह से रेल एसपी ऑफिस से पुलिस मुख्यालय तक के लगा रहे चक्कर
राजा गुप्ता - धनबाद
दो बीवियां रखना रिटायर्ड रेल डीएसपी फिलमन मिंज के लिए अब महंगा साबित हो रहा है। 35 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए फिलमन को पेंशन के लाले पड़ गए हैं। इसके लिए उन्होंने रेल एसपी कार्यालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक और हाई कोर्ट के भी चक्कर लगाए। इसके बावजूद 14 महीने बीतने पर भी पेंशन नहीं मिली। इसकी फाइल धनबाद के रेल एसपी कार्यालय में धूल फांक रही है। पुलिस महकमे में अफसर और कर्मी इस मसले पर चटखारे लेकर चर्चा करते हैं। एक-दूसरे को नसीहत देते हैं कि दो शादी मत कीजिएगा, वरना डीएसपी साहब वाला हाल होगा। दोनों घरवालियों के साथ-साथ विभाग से भी फजीहत झेलनी पड़ेगी।




फिलमन खुद ही जिम्मेवार : रेल एसपी

... तो हर माह मिलते 32590 रुपए

अगर फिलमन ने एक शादी की होती, तो उन्हें बतौर पेंशन 32590 रुपए मिलते, जबकि 14 माह से वे इससे वंचित हैं।पहली पत्नी फटकारती हैं और दूसरी हर माह 10 हजार रुपए गुजारा भत्ता मांगती हैं।फिलमन देवघर, धनबाद और रांची पुलिस मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिशें नाकाम रहीं।

हाईकोर्ट से भी मिली फटकार

पेंशन के लिए फिलमन मिंज ने हाईकोर्ट से भी गुहार लगाई। कोर्ट ने रेल एसपी पीके करण से जवाब मांगा। रेल एसपी ने कोर्ट को बताया कि फिलमन की सर्विस बुक में पहली पत्नी अनिता और पेंशन आवेदन में दूसरी पत्नी पूनम का नाम और फोटो है। इस पर कोर्ट ने फिलमन को फटकार लगाई।

पहले दारोगा और फिर डीएसपी बनने पर कीं शादियां

फिलमन मिंज ने दारोगा बनने के बाद अनिता मिंज से शादी की थी।उनके दोनों बेटे इंजीनियर और दोनों बेटियां डॉक्टर हैं। अनिता देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र में बैजनाथपुर में रहती हैं, जबकि बच्चे दूसरे शहरों में। बच्चे मिलने आते रहते हैं।फिलमन ने डीएसपी बनने के बाद पूनम सिंह से दूसरी शादी की।ये दोनों फिलहाल बंधा, मोहनपुर, देवघर में रहते हैं।

पहली पत्नी का फोटो स्कैन कर साथ में चिपकाया

फिलमन ने पेंशन के लिए अब नया हथकंडा अपनाया है। उन्होंने अनिता की पुरानी तस्वीर को स्कैन कर अपनी तस्वीर के साथ चिपकाकर जोड़ दिया।ऐसा उन्होंने विभाग को यह दिखाने के लिए किया कि दोनों ने एक साथ फोटो खिंचवाया था।रेल एसपी पीके करण ने फिलमन की चालाकी भांप ली और उन्हें नया फोटो खिंचवा जमा करने को कहा।

फिलमन मिंज वर्ष 1976 में दारोगा बने। अविभाजित बिहार में पटना, कटिहार समेत कई जिलों में थानेदारी की। झारखंड बनने के बाद रांची समेत कई जिलों में इंस्पेक्टर के पद पर रहे। प्रोन्नति पाकर डीएसपी बने। वर्ष 2011 में धनबाद के रेल डीएसपी बने, डेढ़ साल बाद रिटायर हो गए। पीएफ की राशि निकालने में फिलमन की दो शादियों का भांडा फूट गया। 15 लाख रुपए लेने की निकासी रोकने के लिए दोनों बीवियां रेल एसपी के कार्यालय के चक्कर लगाने लगीं। छह महीने बाद फिलमन को पीएफ का चेक मिला, लेकिन पेंशन अटक गई। डीएसपी की सर्विस बुक में पहली पत्नी का नाम और फोटो था, जबकि पेंशन के आवेदन के साथ दूसरी पत्नी के साथ खिंचवाया हुआ फोटो जमा किया।

विभाग ने पेंशन प्रपत्र मुख्यालय नहीं भेजा। पेंशन की अनुमति नहीं मिली।

यह है मामला

दो शादियां करने की वजह से ही फिलमन मिंज को परेशानी हो रही है।सरकार का आदेश है कि पहली पत्नी के रहते कोई भी सरकारी कर्मी दूसरी शादी नहीं कर सकता है। 30 नवंबर 2012 में रिटायर होने के बाद भी अगर फिलमन को पेंशन नहीं मिल रही है, तो इस स्थिति के लिए वे खुद ही जिम्मेवार हैं। - पीके करण, रेल एसपी

पीएफ की राशि निकालने के समय फिलमन मिंज की दो शादियों का भांडा फूटा