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क्या कहते हैं भट्ठा मालिक

7 वर्ष पहले
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जानवरों से काम लेना अवैध है, लेकिन सिर्फ मेरे भट्ठे में ही जानवरों से काम नहीं लिया जाता। धनबाद के अधिकतर भट्ठों में ऐसा ही हो रहा है। -नवीन सिंह, ईंट भट्ठा मालिक
यह ठीक है कि जानवरों से भट्ठे में काम लेना गलत है, लेकिन हमारे आसपास के 7-8 भट्ठों में ऐसा हो रहा है। मैंने भी वही किया। जानवर बाहर से सप्लाई किए जाते हैं। -पप्पू सिंह, ईंट भट्ठा मालिक



15 हजार ईंटें हर

दिन ढोते हैं जानवर

एक भट्ठे के कर्मी ने बताया कि एक दिन 10 जानवरों से 15 हजार ईंटों की ढुलाई कराई जाती है। यह 5 ट्रक ईंटों के बराबर है।इसे तो जानवरों पर अत्याचार ही कहा जाएगा, लेकिन पशुपालन विभाग के अफसरों को इसकी परवाह नहीं है।



ईंट भट्ठों के लिए बिहार और यूपी से 800 से अधिक जानवरों को अवैध तरीके से धनबाद लाया गया है। जावेद और छोटू भट्ठों में जानवर सप्लाई करते हैं। पहचान जाहिर न होने देने के लिए जानवरों की देख-रेख का काम बनारस के 10 युवकों से कराया जाता है।



तस्करी कर लाए

गए 800 जानवर

बगदाहा गांव के भट्ठों में इंसान कम, जानवर ज्यादा

मजदूर पंजीकृत हैं ईंट भट्ठे में

जानवरों से कराया जा रहा भट्ठों में काम

ईंट भट्ठे हैं धनबाद जिले के विभिन्न हिस्सों में

> बिहार और यूपी से लाए जाते हैं जानवर

केस २

बगदाहा गांव के खेतों में एलबीएम मार्का भट्ठा है, जिसके मालिक पप्पू सिंह हैं।वहां भी जानवरों से काम लिया जाता है। दैनिक भास्कर की टीम उस जगह तक गई, जहां जानवरों के रहने की व्यवस्था की गई थी।वहां करीब 10 खच्चरों को रखा गया था।



केस 1

बाघमारा के बगदाहा गांव में नवीन सिंह का चिमनी भट्ठा है। वहां सीएसटी मार्का की ईंटें बनाई जाती हैं। इस भट्ठे में 10 जानवरों से काम लिया जा रहा था। पता चला कि सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक जानवर कच्ची ईंटों को चिमनी तक पहुंचाते हैं।



एलबीएम ब्रिक्स पंचरुखी

सीएसटी मार्का ईंट भट्ठा

गवेंद्र मिश्रा - धनबाद

जिले के अधिकतर ईंट भट्ठों में इंसानों के बजाय जानवरों से काम कराया जाता है। भट्ठा संचालक दिखावे के लिए मजदूरों को पंजीकृत कर रहा है, लेकिन काम खच्चरों से कराता है।

यह लेबर एक्ट के खिलाफ

है। एक्ट में इस संबंध में गाइडलाइन है, लेकिन उसका पालन भट्ठे पर नहीं होता। श्रम विभाग की ओर से चिमनी को भेजी गई गाइडलाइन में 12 तरह के मजदूरों का जिक्र है, लेकिन उनमें जानवरों के इस्तेमाल का जिक्र नहीं है।

...सिर्फ अपना फायदा देखते हैं भट्ठा मालिक

दैनिक भास्कर को जानवरों से अवैध तरीके से काम कराए जाने की शिकायत कई दिनों से मिल रही थी। भास्कर की टीम ने बाघमारा के दो ईंट भट्ठों की पड़ताल की।टीम ने देखा कि वहां चंद मजदूर ही काम कर रहे हैं। 10-15 जानवरों ((खच्चर)) से ढुलाई कराई जा रही है।कर्मियों ने कहा कि जानवरों से काम लेना अवैध है, लेकिन संचालक अपने फायदे के लिए ऐसा करते हैं।



सिर्फ दिखावे के लिए स्थानीय बेरोजगारों का करते हैं पंजीकरण



जिले के कई भट्ठा संचालक कर रहे लेबर एक्ट का उल्लंघन

ईंट भट्ठों में तस्करी कर लाए गए जानवरों से कराई जा रही मजदूरी

अगर ऐसा हो रहा है, तो यह गंभीर मामला है। मैं धनबाद में तैनात श्रम विभाग के अफसर को जांच करने को कहूंगा।जानवरों से काम करानेवाले भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी। - विष्णु कुमार, प्रधान सचिव, श्रम विभाग

मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मैं संबंधित अफसरों से बात करूंगा।अगर अवैध तरीके से जानवरों से काम लिया जा रहा है, तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत कुमार, डीसी, धनबाद