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वोट खरीदने के लिए नेताजी बांट रहे रेलवे टिकट, छापेमारी

8 वर्ष पहले
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पार्सल से भी नकदी भेजने की खबर, रेलवे विजिलेंस ने रिजर्वेशन और यूटीएस काउंटरों के साथ पार्सल ऑफिस में मारा छापा

भास्कर न्यूज - धनबाद

लोकसभा चुनाव के दौरान वातानुकूलित श्रेणियों के आरक्षित टिकट बांटकर वोट खरीदने की गुप्त सूचना पर रेलवे विजिलेंस, हाजीपुर और रेलवे बोर्ड विजिलेंस की संयुक्त टीम ने शनिवार की सुबह धनबाद जंक्शन के आरक्षण केंद्र पर छापेमारी की। चार सदस्यीय इस टीम के सदस्यों ने एक-एक कर सभी काउंटरों की गहन जांच की। वहां पैसे से लेकर आरक्षण पर्चियों को खंगाला। उसके बाद टीम के सदस्य साधारण टिकट काउंटरों ((यूटीएस)) पर पहुंचे और वहां भी पड़ताल की। काउंटरों पर कैश का मिलान किया। इसके बाद टीम वहां से एक नंबर प्लेटफॉर्म पर स्थित पार्सल कार्यालय पहुंची। वहां भी सघन जांच हुई और बुक किए गए हर सामान को तौल-तौल कर देखा गया। सामान बुकिंग और वजन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़े जाने की सूचना है। यही नहीं, यहां से पार्सल के जरिए नकद रुपए भेजने की भी सूचना है। इसलिए पिछले एक पखवारे की बुकिंग की भी एक-एक कर जांच की गई। हालांकि, जांच में जुटे विजिलेंस के अधिकारियों ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

कैश के बजाय एसी बोगियों के टिकट कर रहे गिफ्ट

लोकसभा चुनाव के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए कैश के बजाय ट्रेनों की एसी बोगियों के टिकट का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ राजनीतिक दलों के बड़े नेता अपने समर्थकों के बीच वातानुकूलित क्लास के आरक्षित टिकट बांट रहे हैं। कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और धनबाद समेत कई शहरों में ऐसे रैकेट के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। इसी की जांच में पहुंची टीम ने कई स्तर पर जांच की। कई आरक्षणकर्मियों से इस संबंध में जानकारी भी ली गई, लेकिन मौके से तत्काल कुछ भी क्लू मिलने की सूचना नहीं है।

ऐसे चल रहा है रुपए बांटने का रैकेट

सूचना मिली है कि वोट खरीदने के लिए कई राजनीतिक दलों के लोग विभिन्न आरक्षण काउंटरों से समर्थकों के नाम से वातानुकूलित श्रेणी का टिकट कटाकर उन्हें गिफ्ट कर रहे हैं। समर्थक उक्त टिकट को आरक्षण केंद्र में उसे वापस कर रिफंड राशि अपनी जेब में रख ले रहे हैं। इस तरकीब से आसानी से समर्थकों को पैसे बांटे जा रहे हैं। कई आरक्षण केंद्रों से टिकट कटाकर बड़़े पैमाने पर यह खेल चल रहा है। इस खेल में एसी प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी में लंबी दूरी की ट्रेनों के टिकट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

एक साथ कोलकाता, दिल्ली और मुंबई में भी छापे

इस रैकेट को पकडऩे के लिए रेलवे विजिलेंस की टीम ने धनबाद के साथ कोलकाता, दिल्ली और मुंबई समेत कई अन्य शहरों के कई आरक्षण केंद्रों में छापेमारी की। वहां भी पिछले एक पखवारे के आरक्षण पर्ची की जांच की गई। वहां से क्या मिला, यह जानकारी नहीं मिल सकी है।

धनबाद के किसी अधिकारी को नहीं थी जानकारी

विजिलेंस की इस छापेमारी की जानकारी न आरपीएफ अधिकारियों को थी और न ही रेलवे के बड़े अधिकारियों को। उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि किसने छापेमारी की है।

पूर्व-मध्य रेलवे के कई बड़े स्टेशन राडार पर

रेलवे विजिलेंस की राडार पर पूर्व-मध्य रेलवे क्षेत्र के कई बड़े स्टेशन हैं। विजिलेंस के सूत्रों ने नाम नहीं बताने के आग्रह के साथ कहा कि कई बड़े स्टेशनों से ऐसे रैकेट की सूचना आ रही है। उन स्टेशनों पर भी छापेमारी की जाएगी। इसमें बिहार और झारखंड के कई बड़े शहर निशाने पर हैं।

वर्जन

रेलवे विजिलेंस ने स्थानीय स्तर पर बिना जानकारी दिए आरक्षण केंद्र पर औचक छापेमारी की है। विजिलेंस के कई अधिकारी अब भी शहर में हैं और विभिन्न स्तरों पर इस अति गंभीर मसले की जांच चल रही है। उन्हें छापेमारी में क्या हाथ लगा, यह किसी को जानकारी नहीं दी जा रही है। - हीरामणि तिवारी, कमांडेंट, आरपीएफ, धनबाद मंडल