महीनों से 16000 लोग रह रहे कचरों के बीच
 जमशेदपुर
रेलवे कॉलोनी में कई माह से कचरे का उठाव बंद है। इससे इलाके में कचरे का टीला बन गया है। छह कॉलोनियों के तकरीबन 16 हजार लोग कचरे के पास रहने के लिए विवश हैं। सफाई नहीं होने से मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है। यह जानने के लिए डीबी स्टार की टीम रेलवे कॉलोनी पहुंची। इस दौरान टीम ने देखा कि इलाके में जगह-जगह कचरे का टीला बना है। तेज हवा बहने पर कचरा लोगों के घरों में पहुंच जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी दिनों से इलाके में सफाई कार्य बंद है। शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके बाद टीम ने जिम्मेदारों से बात की तो पता चला कि कुछ दिन पहले 7.48 लाख की लागत से सफाई के लिए टेंडर हुआ था। लेकिन टेंडर लेने वाली ठेका कंपनी फरार हो गई है। इसके बाद रेल क्षेत्र में कचरे का उठाव पूरी तरह ठप हो गया। अब जिम्मेदार फरार ठेकेदार की खोजबीन कर रहे हैं। लेकिन अब तक ठेकेदार का कोईअता-पता नहीं है। वहीं, जिम्मेदार लोग कचरा उठाव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पाए हैं। रेलवे कॉलोनियों में नारकीय स्थिति बन गई है। अधिकारी काम के नाम पर ठेकेदार के फरार होने का हवाला दे रहे हैं। इन कॉलोनियों में प्रतिदिन दो टन कचरा जमा हो रहा है। लोगों की परेशानी से संबंधित विभाग के अधिकारियों को कोई मतलब नहीं है।