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शहर के 13 फीसदी चर्म रोगी कुष्ठ से हैं पीडि़त
भास्कर न्यूज - जमशेदपुर
अगर आपके परिवार में किसी को कुष्ठ है, तो भविष्य में आप भी इससे ग्रसित हो सकते हैं। इस रोग के लक्षण दिखते ही तत्काल इलाज ही इससे बचने का एकमात्र उपाय है। जांच कराने के बाद एमडीटी ((मल्टी ड्रग थेरेपी)) दवा के सेवन से यह बीमारी ठीक हो सकती है। यह दवा सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क दी जाती है। जिले के कुष्ठ निवारण विभाग के अनुसार, 226 लोग इससे पीडि़त हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ आरपी ठाकुर के अनुसार, शहर के 13 फीसदी चर्म रोगी कुष्ठ से पीडि़त हैं। उनके पास आने वाले 30 त्वचा रोगियों में से 4 में कुष्ठ के लक्षण पाए जाते हैं।
यह रोग मुख्य रूप से माइको बैक्टेरियम लेप्रे नामक जीवाणु के शरीर में प्रवेश करने से होता है, जो आगे चलकर शरीर के किसी अंग में जख्म का रूप ले लेता है। इलाज में लापरवाही बरतने से रोग अधिक बढ़ जाता है और उक्त अंग गलने लगता है।
कैसे फैलता है यह रोग
इस रोग के जीवाणु दो प्रकार के होते हैं। पहला पॉजीटिव और दूसरा निगेटिव। पॉजीटिव जीवाणु से पीडि़त मरीज का रोग संक्रमित होता है, जबकि निगेटिव जीवाणु से रोग मरीज तक ही सीमित रहता है।
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