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इग्नू सेंटर में लगी एडुसेट छतरीबनी कबाड़ऑडियो वीडियो तकनीक से पढ़ाने के लिए को-ऑपरेटिव कॉलेज में लगी तकनीक का नहीं हो रहा इस्तेमाल
विकास श्रीवास्तव जमशेदपुर
को-ऑपरेटिव कॉलेज में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ((इग्नू)) के पांच हजार विद्यार्थियों को एडुसेट ((सेटेलाइट)) का लाभ नहीं मिल रहा है। ऑनलाइन पठन-पाठन कराने के मकसद से वर्ष 2008 में छतरी लगाई गई थी। ताकि विद्यार्थियों को ऑडियो-वीडियो के सहारे दिल्ली के काउंसलरों द्वारा गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का लाभ मिल सके। लेकिन विद्यार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। यह जानने के लिए डीबी स्टार की टीम निकली। छानबीन के दौरान टीम ने जाना कि को-ऑपरेटिव कॉलेज में संचालित इग्नू सेंटर में 46 पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है। इसमें पांच हजार विद्यार्थी पठन-पाठन करते हैं। विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए 6 साल पहले एडुसेट की व्यवस्था की गई थी। इसके तहत सेंटर में टीवी और टेली कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम उपलब्ध कराई गई थी, ताकि यहां पढऩे वाले विद्यार्थी सीधे दिल्ली स्थित काउंसलरों के संपर्क में बने रहें, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण एडुसेट का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है। सिस्टम कमरे में बंद पड़ी है। छतरी में जंग लग गई है। को-ऑर्डिनेटर लुढकू कच्छप का कहना है कि चुनाव के समय सुरक्षा कारणों से सिस्टम को बंद करा दिया गया था। इसे आज तक चालू नहीं कराया गया। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। व्यवस्था में सुधार करने के सवाल पर वे टालमटोल जवाब दे रहे हैं।