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रांची के लिए : जमशेदपुर को एजुकेशनल हब नहीं बना सके डॉ. अजय

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता -!-रांची/जमशेदपुर
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के त्यागपत्र के बाद हुए उपचुनाव में डॉ. अजय कुमार जमशेदपुर से झाविमो के सांसद बने। कभी वे इस शहर के एसपी हुआ करते थे। बहुत उम्मीद से जनता ने उन्हें सांसद चुना। डॉ. अजय कुमार ने उपचुनाव में वादा किया था कि जमशेदपुर को एजुकेशनल हब बनाएंगे। ज्ञानेश्वरी हादसे के बाद खडग़पुर से टाटानगर के बीच 19 माह से रात में ठप ट्रेन परिचालन को शुरू कराएंगे।
सांसद का एक वादा तो पूरा हुआ। लेकिन, दूसरा शहर को एजुकेशनल हब बनाने की बात दूर, यहां एक भी नया शैक्षणिक संस्थान नहीं खुल सका। बारीडीह के अर्देशिर दलाल मेमोरियल अस्पताल में सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी ((एसएमयू)) के साथ मिलकर मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव था। मेडिकल कॉलेज के लिए अस्पताल होना चाहिए। टीएमएच का अस्पताल के रूप में उपयोग करने पर टाटा स्टील ने सहमति दी, लेकिन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर मेडिकल कॉलेज के लिए सहमति नहीं दी। सांसद लिखा-पढ़ी करते रहे। फिलहाल, इसकी फाइल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद के पास है।
डॉ. अजय कुमार ने कहा था कि एसएमयू के मेडिकल कॉलेज के बाद होटल मैनेजमेंट, एमबीए और इंजीनियरिंग संस्थान भी खुलेंगे। लेकिन, अभी यह दूर की कौड़ी नजर आ रही है।



ञ्चप्रधानमंत्री राष्ट्रीय सहायता कोष से असाध्य रोग से पीडि़त 40 लोगों को सहायता राशि दिलाई। इससे पहले जनप्रतिनिधि राज्य सरकार की सहायता राशि तक सीमित रहे।

ञ्चसवा दो साल के कार्यकाल में संसद के सत्र में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे को छोड़ अन्य सभी एमपी से अधिक सवाल किए। संसद में लगातार उपस्थित रहे। जमशेदपुर में रहे तो सुदूर गांवों तक जाकर जनता से मिलते रहे।

निजी लाभ के लिए नक्सलियों से नहीं मिला

डॉ. अजय कुमार से सीधी बात



:अजय कुमार 2011 में चुनाव जीते। उन्होंने आठवें सत्र से सदन में जाना शुरू किया।

ञ्चजमशेदपुर में रोजगार के लिए नए अवसर सृजित कराने में सफल नहीं हो सके।

ञ्चजमशेदपुर को आईटी सिटी बनाने का सपना दिखाया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

ञ्चदूरभाष पर आम जनता का संपर्क मुश्किल। घर या कार्यालय पर मिलना आसान।

जमशेदपुर एजुकेशनल हब नहीं बना?

एसएमयू के साथ लगातार बातचीत करता रहा। 10 फरवरी को रतन टाटा एसएमयू जाएंगे। मैं भी वहां जाऊंगा। इस काम के लिए कुछ और वक्तचाहिए। सिम्बॉयसिस एवं एमिटी के प्रमुख से भी शैक्षणिक संस्थान खोलने के लिए संपर्क किया था। वे नि:शुल्क जमीन चाहते थे। यह असंभव है।

सोलर लाइट को लेकर आपका अर्जुन मुंडा से विवाद हुआ था?

सभी गांवों और धार्मिक स्थलों पर सोलर लाइट लगाने के लिए रतन टाटा से मिला था। अर्जुन मुंडा ने सीएम रहते हुए टाटा स्टील पर दबाव डालकर काम रुकवा दिया था।

जुगसलाई ओवरब्रिज का काम नहीं हुआ शुरू?

रेल बजट में पारित कराया। इसमें राज्य सरकार की भी भूमिका है।

आप पर नक्सलियों से रिश्ते का आरोप है?

मामले की जांच हो चुकी है। जानबूझकर निजी लाभ के लिए कभी नक्सलियों से नहीं मिला। गांवों में जाता हूं। कौन नक्सली है, यह नहीं जान सकता। इतना जरूर चाहता हूं कि वे मुख्यधारा में आएं।

वादे जो नहीं हो सके पूरे

सदन में 137 दिन मौजूद रहे अजय

सत्र अवधि मौजूदगी

आठवां 26 १९

नौवां 24 १६

दसवां 35 ३०

ग्यारहवां 19 १५

बारहवां 20 १८

तेरहवां 32 २८

चौदहवां 21 ११



सांसद के रूप में आंदोलन

ञ्चरात्रि रेल परिचालन के लिए टाटानगर स्टेशन पर चक्का जाम किया। जुगसलाई एवं चाकुलिया में ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाने की मांग उठाई। रेल परिचालन शुरू हुआ। अंडरब्रिज का काम शुरू हो गया। जुगसलाई ओवरब्रिज रेल बजट में पारित हुआ। हालांकि, टेंडर अभी तक नहीं हुआ।

ञ्चएनएच-33 की मरम्मत और फोरलेन का काम शुरू कराने के लिए दो दिन की आर्थिक नाकेबंदी की। यातायात बाधित किया। गिरफ्तार भी हुए। परिवहन मंत्री ऑस्कर फर्नांडीज ने दखल दिया। मरम्मत का काम शुरू हुआ। फोरलेन का काम शुरू होना बाकी है।

ञ्चगोलपहाड़ी से गदड़ा होते हुए आसनबनी तक सड़क निर्माण में देर होने पर खासमहल में आरईओ कार्यालय में तालाबंदी की।

एक भी शिक्षण संस्थान नहीं खुलवा पाए अजय

जमशेदपुर सांसद डॉ. अजय कुमार दो साल के कार्यकाल में कई वादे नहीं कर सके पूरे, सवाल पूछने में रहे दूसरे नंबर पर

नेताजी का रिपोर्ट कार्ड