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- चश्मदीद गवाह के बाद भी खुलेआम घूम रहे अभियुक्त
चश्मदीद गवाह के बाद भी खुलेआम घूम रहे अभियुक्त
भास्कर संवाददाता - रांची
हत्या के करीब तीन महीने होने को आए, लेकिन पुलिस अब तक हत्यारों को ढूंढ नहीं सकी है। मामला डोरंडा थाना का है। राजू गद्दी उर्फ हैदर गद्दी को कुछ लड़के 3 नवम्बर 2013 की शाम सात बजे बुलाकर ग्वाला-टोली घर से ले गए थे।
उसके बाद 4 नवंबर को उसकी हत्या कर दी गई। मृतक के भाई मो. शमीम गद्दी ने डोरंडा थाने में हिंदपीढ़ी के ग्वाला -टोली में रहनेवाले अमजद गद्दी, चिंकू उर्फ देवा, सद्दाम उर्फ काली, विक्की उर्फ भोखरे, रंजीत एवं दो अन्य के विररुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
वहीं घटना की चश्मदीद गवाह राजू गद्दी की प्रेमिका ने अदालत में बयान देकर हत्या के पीछे छुपे राज और अभियुक्तों का खुलासा किया है। जबकि कुछ दिन पहले इस कांड के एक अभियुक्त अमजद गद्दी को हिंदपीढ़ी पुलिस की मदद से पकड़ा गया। अमजद ने अपने बयान में राजू हत्याकांड में शामिल सभी अभियुक्तों के नाम और उसके ठिकाने के बारे में पुलिस को सबकुछ बताया। इसके बावजूद डोरंडा पुलिस अबतक अभियुक्तों को पकडऩे में नाकाम है। मो. शमीम का आरोप है कि राजू ने अमजद को बतौर कर्ज तीस हजार रुपए दिए थे। रुपया वापस मांगने पर पहले उसे एक झूठे मामले में फंसाया गया, इसके बाद एक साजिश के तहत उसके भाई की हत्या कर दी गई।