भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनशन
रांची - एक युवक केदार नाथ भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले पांच वर्षों से संघर्ष कर रहा है। उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सांसद समेत राज्य के अधिकारियों तक से न्याय की गुहार लगाई। लेकिन हर जगह उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। थक-हार कर वह गुरुवार को राजभवन के समक्ष अनशन पर बैठ गया। यूथ पावर ऑफ इंडिया के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठे केदार का आधा दर्जन से अधिक संगठनों ने समर्थन किया है। इसमें नागरिक मंच, अधिवक्ता मंच, इंडियन एसोसिएशन ऑफ लायर्स, इंसाफ झारखंड, महिला समाज शामिल हैं।
सीएम ने किया हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री सचिवालय से सूचना दी गई कि इस मामले में बोकारो डीसी को समुचित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके बाद बोकारो डीसी ने गुरुवार को शिक्षा पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। लेकिन कार्रवाई क्या हुई, नहीं बताया गया।
यह है मामला
केदार ने बताया कि 2008 में बोकारो के गोमिया में उसका चयन पारा शिक्षक के पद पर हुआ था। लेकिन रिश्वत नहीं देने के कारण रजिस्टर से छेड़छाड़ कर उसका नाम हटा दिया गया। दंडाधिकारी ने मामले की जांच की। जिसमें नियुक्ति में गड़बड़ी की बात सामने आई है। पर कार्रवाई नहीं की गई।
कई संगठन समर्थन में उतरे, केदार ने कहा, न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा
ये हैं मांगें
ञ्चफरवरी 2008 से ही नियुक्तिहो।
ञ्चएरियर का भुगतान तत्काल हो।
ञ्चदोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई हो।