दवा विक्रेता को १० लाख जुर्माना
रांची। करीब नौ साल की कानूनी लड़ाई के बाद दवा विक्रेता गजेंद्र नाग को प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी आरके मिश्रा की अदालत ने दोषी ठहराया। आरोपी को छह माह की सजा और दस लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। नाग के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2004 में फर्म एग्लोमेड लि से सात लाख से अधिक कीमत की दवाएं ली। इसके भुगतान के लिए फर्म को छह लाख 33 हजार का चेक दिया, जो बाउंस कर गया था।