पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंरांची. अपराध अनुसंधान विभाग के एसपी अमरनाथ मिश्र के खिलाफ राज्य सरकार ने विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया है। उनके विरुद्ध आरोप पत्र क गठित किया गया है। उनपर आरोप है कि लातेहार के बरवाडीह में डीएसपी के रूप में अपनी पदस्थापना के दौरान एक मामले में की गई जांच में अभियुक्तों को लाभ पहुंचाया था।
यह है तत्कालीन डीएसपी पर आरोप
लातेहार कांड संख्या 70 दिनांक 12 जुलाई 2002 में अमरनाथ मिश्र अनुसंधानकर्ता बनाए गए थे। यह मामला धोखाधड़ी, चोरी एवं आतंकवाद निरोध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। अनुसंधान के क्रम में अभियुक्तों की बीड़ी-पत्ता गोदाम की जांच की गई। आरोप है कि अनुसंधानकर्ता पदाधिकारी मिश्रा ने जांच का उल्लेख तो किया लेकिन अनियमितता की बात कहीं नहीं लिखी।
इसे अभियुक्त को मदद पहुंचाने का उद्देश्य के तौर पर माना गया। इस कांड का सुपरविजन तत्कालीन एसपी अरुण उरांव ने किया था। उनके निर्देश का भी पालन नहीं किया गया। प्राथमिक अभियुक्तों के विरुद्ध साक्ष्य संकलन के आदेश के बावजूद डीएसपी द्वारा कोई कारगर पहल नहीं की गई। इस तरह तत्कालीन डीएसपी पर अनुशासनहीनता, आदेश की अवहेलना, संदिग्ध आचरण जैसे कई गंभीर आरोप लगे। जैप आईजी प्रशांत सिंह को विभागीय जांच के मामले में संचालन पदाधिकारीबनाया गया है। इसके बाद जांच जारी है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.