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विद्युत बोर्ड की निविदा रद्द हो : चैंबर

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता.रांची

चैंबर ने झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड से आग्रह किया है कि 31 जनवरी को खुलनेवाली निविदा की आखिरी तारीख बढ़ाई जाए अथवा रद्द की जाए। बोर्ड और उद्योग विभाग के सचिव को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड की निविदा 978/979/ पीआर/जेएसईबी/एसएनडी/13-- 14 में ट्रांसफार्मर में केमिकल अर्थिंग लगाने में कई भ्रांतियां हैं। इन्हे तत्काल सुधारा जाए अन्यथा निविदा रद्द कर दी जाए। ऊर्जा उप समिति के चेयरमेन संजय जोहर ने लिखे पत्र में कहा है कि ऐसी निविदा राज्य में पहली बार आमंत्रित की गई है जिसकी अनुमानित राशि का निर्धारण पहले से ही किया जा चुका है। इस निविदा को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के रूप में आमंत्रित किया जाना चाहिए था। झारखंड के लिए नया कार्य है और राज्य की किसी भी लघु इकाई के लिए इसकी शर्तों को पूरा कर पाना संभव नहीं है।

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पहले एनआईटी के खुलने की तारीख 19 दिसंबर 2012 थी, लेकिन निविदा पत्र का वितरण सही समय पर नही किया जा सका। बिना शुद्धि के ही निविदा की तारीख निर्धारित कर ली गई। इसकी सूचना किसी भी संचार माध्यम से उपलब्ध नहीं कराई गई और प्रपत्र का विवरण 21 जनवरी को आरंभ कर दिया गया। 22 जनवरी को इसकी शुद्धिपत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया। एक तरफ राज्य के उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए अर्नेस्ट मनी की मांग नहीं की गई है वहीं कार्य से वंचित रखने के लिए नियम और शर्तें इतनी प्रतिकूल कर दी गईं है कि झारखंड के उद्यमी निविदा में हिस्सा नहीं लो सकते है। इसी तरह नए उत्पाद की गुणावत का आधार भी परोक्ष रूप से तय कर लिया गया है। नियमों और शर्तों में कंपनी के टर्नओवर से ज्यादा क्रेडेंशियल मांगा गया है। निविदा के अनुसार बिडर का टर्नओवर पिछले तीन वर्षों में प्राक्कलित राशि का 3 फीसदी होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर क्रेडेंशियल?ल स्वरूप प्राक्कलित राशि का 40 फीसदी का तीन कार्यादेश या 50 फीसदी के दो कार्यादेश अथवा 80 फीसदी का एक कार्यादेश होना चाहिए। इस पूरी शर्त में कई विरोधाभास हैं। पत्र की प्रति मुख्य सचिव, बोर्ड के चेयरमेन को भी दी गई है।

चैंबर ने झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड से आग्रह किया है कि 31 जनवरी को खुलनेवाली निविदा की आखिरी तारीख बढ़ाई जाए अथवा रद्द की जाए। चैंबर की ऊर्जा उप समिति के चेयरमैन संजय जोहर ने बिजली बोर्ड और उद्योग विभाग के सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि बोर्ड की निविदा ((संख्या 978/979/ पीआर/जेएसईबी/एसएनडी/13-- 14)) में ट्रांसफार्मर में केमिकल अर्थिंग लगाने में कई भ्रांतियां हैं। इन्हे तत्काल सुधारा जाए। या फिर निविदा रद्द कर दी जाए। ऐसी निविदा राज्य में पहली बार आमंत्रित की गई है जिसकी अनुमानित राशि का निर्धारण पहले से ही किया जा चुका है। इस निविदा को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के रूप में आमंत्रित किया जाना चाहिए था। राज्य की किसी भी लघु इकाई के लिए इसकी शर्तों को पूरा करना संभव नहीं है।





भास्कर संवाददाता - रांची

चैंबर ने झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड से आग्रह किया है कि 31 जनवरी को खुलनेवाली निविदा की आखिरी तारीख बढ़ाई जाए अथवा रद्द की जाए। बोर्ड और उद्योग विभाग के सचिव को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड की निविदा 978/979/ पीआर/जेएसईबी/एसएनडी/13-- 14 में ट्रांसफार्मर में केमिकल अर्थिंग लगाने में कई भ्रांतियां हैं। इन्हे तत्काल सुधारा जाए अन्यथा निविदा रद्द कर दी जाए। ऊर्जा उप समिति के चेयरमेन संजय जोहर ने लिखे पत्र में कहा है कि ऐसी निविदा राज्य में पहली बार आमंत्रित की गई है जिसकी अनुमानित राशि का निर्धारण पहले से ही किया जा चुका है। इस निविदा को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के रूप में आमंत्रित किया जाना चाहिए था। झारखंड के लिए नया कार्य है और राज्य की किसी भी लघु इकाई के लिए इसकी शर्तों को पूरा कर पाना संभव नहीं है। पहले एनआईटी के खुलने की तारीख 19 दिसंबर 2012 थी, लेकिन निविदा पत्र का वितरण सही समय पर नही किया जा सका। बिना शुद्धि के ही निविदा की तारीख निर्धारित कर ली गई।पत्र की प्रति मुख्य सचिव, बोर्ड के चेयरमेन को भी दी गई है।