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पूर्व राज्यपाल के पुत्र को भी अवैध ढंग से मिली नौकरी
बोकारो स्टील प्लांट में अवैध ढंग से नियुक्ति का मामला
सीबीआई ने 10 शहरों के 36 ठिकानों पर छापेमारी की
कहां-कहां हुई छापेमारी
रांची, बोकारो, पटना, आरा, दिल्ली, गाजियाबाद, भुवनेश्वर, भिलाई, जबलपुर, भोपाल और मुंबई के 36 स्थानों पर
क्या-क्या हुआ बरामद
फर्जी नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात, बीएसएल अफसरों और नियुक्त होने वालों के बैंक पास बुक, निवेश से जुड़े कागजात, फ्लैट और जमीन के दस्तावेज
जिनके यहां हुई छापेमारी
वीके श्रीवास्तव ((बीएसएल के तत्कालीन एमडी)), एके मेहरोत्रा ((डीजीएम, बीएसएल)), आरके नरुला (( तत्कालीन जीएम)), एएस हेम्ब्रम ((तत्कालीन एजीएम)), आरएन झा ((तत्कालीन एजीएम)), एके सिंह ((तत्कालीन चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर)) एवं संतोष कुमार, विश्वदीप साहनी, रत्नेश कुमार, राजेश कुमार सिंह, संजय कुमार मिश्रा, असीम कुमार गोप, मुकेश कुमार सिंह, मो. शमीम रजक।
भास्कर संवाददाता. बोकारो/रांची
बोकारो स्टील प्लांट ((बीएसएल)) में झारखंड के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी के पुत्र सैयद मोहम्मद रजी सहित दर्जनभर लोगों को अवैध तरीके से नियुक्त किया गया था। सीबीआई की धनबाद टीम ने यह खुलासा किया। सीबीआई ने मंगलवार को कांड संख्या 1 ए/2014 और 2 ए/2014 दर्ज किया है। इसमें मोहम्मद रजी, बीएसएल के पूर्व एमडी वीके श्रीवास्तव और पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जीवेश मिश्रा सहित 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में सात रिटायर्ड अधिकारी और अवैध तरीके से नौकरी पाने वाले शामिल हैं।
सीबीआई धनबाद और रांची की टीम ने मंगलवार को देश के 10 शहरों में आरोपियों के 36 ठिकानों पर छापेमारी की। टीम के करीब 100 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों ने रांची, बोकारो, दिल्ली व भोपाल आदि में आरोपियों के ठिकानों को खंगाला। यहां से नियुक्ति से जुड़े कागजात जब्त किए।
क्या है मामला
वर्ष 2007-08 में बोकारो स्टील प्लांट के सेल के विभिन्न उपक्रमों के लिए नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति का विज्ञापन बोकारो से निकाला गया था। सभी नियुक्तियां एक्जीक्यूटिव व नॉन एक्जीक्यूटिव पद पर हुई। आरोप है कि इस दौरान सारे नियमों को ताक पर रखकर खास-खास लोगों के पुत्रों को नौकरी दी गई। इसमें योग्यता को नजरअंदाज कर दिया गया। कुल 16 लोगों की नियुक्ति में धांधली हुई। इस संबंध में पटना के एक पत्रकार ने सीबीआई से शिकायत की थी। प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया।
पूर्व एमडी के पुत्र ने भी पाई नौकरी
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि पूर्व राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री के पुत्र के अलावा बोकारो स्टील प्लांट के पूर्व एमडी और एक न्यायिक अधिकारी के पुत्र को भी सेल में अवैध ढंग से नियुक्ति मिली थी। पूर्व एमडी बीके सिंह के पुत्र की नियुक्ति भी जांच के दायरे में है। सीबीआई के अनुसार कई खास लोगों के पुत्रों को बहाल करने के लिए यह वेकेंसी निकाली गई थी।
इनकी नियुक्ति की हो रही जांच
1. रितेश, उपप्रबंधक, एलएंडए 2 . वाईसी पटनायक, जूनियर मैनेजर, एलएंडए, 3. एएस वोरा, जूनियर स्टाफ असिस्टेंट,4 आर कुमार, असिस्टेंट, प्रोजेक्ट 5. एमके सिंह, अटेंडेंट, प्रोजेक्ट 6. एमएस रजक, अटेंडेंट, प्रोजेक्ट 7. एके गोप, अटेंडेंट, प्रोजेक्ट, 8. एके पासवान, अटेंडेंट, प्रोजेक्ट 9. एसके मिश्र,अटेंडेंट, प्रोजेक्ट, 10. एचएस कुमार,
स्टाफ असिस्टेंट, प्रोजेक्ट 11. एके श्रीवास्तव, स्टाफ असिस्टेंट, प्रोजेक्ट 12. एलएन सिंह, असिस्टेंट, प्रोजेक्ट 13. एस कुमार, असिस्टेंट, एलएंडए, 14. बी साहनी, असिस्टेंट, एलएंडए 15. पी कुमार, असिस्टेंट, टीए, 16. आर कुमार
एयरपोर्ट लाइन ऑन असिस्टेंट, दिल्ली, 17. एस कुमारी, स्टाफ असिस्टेंट, रांची ऑफिस।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे के घर भी छापे
सीबीआई ने भोपाल में पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया के पुत्र राजकुमार के बंगले पर भी छापा मारा। यहां से नौकरी से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए।
इनके यहां पड़े छापे
वीके श्रीवास्तव ((बीएसएल के तत्कालीन एमडी)), एके मेहरोत्रा ((डीजीएम, बीएसएल)), आरके नरुला (( तत्कालीन जीएम)), एएस हेम्ब्रम ((तत्कालीन एजीएम)), आरएन झा ((तत्कालीन एजीएम)), एके सिंह ((तत्कालीन चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर)) एवं संतोष कुमार, विश्वदीप साहनी, रत्नेश कुमार, राजेश कुमार सिंह, संजय कुमार मिश्रा, असीम कुमार गोप, मुकेश कुमार सिंह, मो. शमीम रजक।
क्या-क्या हुआ बरामद
नियुक्ति से जुड़े कागजात, अफसरों और नियुक्त होने वालों के बैंक पास बुक, निवेश से जुड़े कागजात, जमीन के दस्तावेज।
इन शहरों में हुई कार्रवाई
रांची, बोकारो, पटना, आरा, दिल्ली, गाजियाबाद, भुवनेश्वर, भिलाई, जबलपुर, भोपाल और मुंबई के 36 स्थानों पर।
तत्कालीन एजीएम एएस हेम्ब्रम के रांची स्थित आवास पर भी छापे।
: सीबीआई ने दो केस दर्ज किए, सिब्ते रजी के बेटे को भी बनाया आरोपी
10 शहरों के 36 ठिकानों पर छापेमारी
भास्कर संवाददाता - बोकारो/रांची
बोकारो स्टील प्लांट ((बीएसएल)) में झारखंड के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी के पुत्र सैयद मोहम्मद रजी सहित दर्जनभर लोगों को अवैध तरीके से नियुक्त किया गया था। सीबीआई धनबाद की टीम ने यह खुलासा किया। सीबीआई ने मंगलवार को कांड संख्या 1 ए/2014 और 2 ए/2014 दर्ज किया है। इसमें मोहम्मद रजी, बीएसएल के पूर्व एमडी वीके श्रीवास्तव और पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जीवेश मिश्रा सहित 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में सात रिटायर्ड अधिकारी और अवैध तरीके से नौकरी पाने वाले शामिल हैं।
सीबीआई धनबाद और रांची की टीम ने मंगलवार को 10 शहरों में आरोपियों के 36 ठिकानों पर छापेमारी की। टीम के करीब 100 अफसरों व कर्मचारियों ने रांची, बोकारो, दिल्ली व भोपाल आदि में आरोपियों के ठिकानों को खंगाला।
क्या है मामला : वर्ष 2007-08 में बोकारो स्टील प्लांट में सेल के विभिन्न उपक्रमों के लिए नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति का विज्ञापन बोकारो से निकाला गया था। सभी नियुक्तियां एक्जीक्यूटिव व नॉन एक्जीक्यूटिव पद पर हुई। आरोप है कि सारे नियमों को ताक पर रखकर खास-खास लोगों के पुत्रों को नौकरी दी गई।
बीएसएल में अवैध ढंग से नियुक्ति मामले में सीबीआई का खुलासा