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कुष्ठ रोग छिपाएं नहीं, इलाज कराएं : डॉ. राय

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - रांची
कुष्ठ रोग को लेकर लोगों में काफी अंधविश्वास है। यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है, यदि इसका इलाज समय पर कराया जाए। इलाज में लापरवाही से यह बीमारी त्वचा, मांसपेशियों, आंख, कान आदि को चपेट में ले सकती है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ.सरोज राय का कहना है कि यह बीमारी सुन बहेरी माइक्रोवैक्टेरियल लेप्री नामक बैक्टेरिया से होती है। कुष्ठ रोग को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। यह विभाजन शरीर पर दिखने वाले निशान एवं बैक्टेरिया के ग्रोथ पर निर्भर करता है। इस बीमारी में शरीर पर अलग-अलग आकार के लाल और हल्के सफेद दाग हो जाते हैं। दाग की बॉर्डर लाइन थोड़ा ऊपर उठी होती है। इसमें दर्द, तापमान या स्पर्श भी महसूस होता है।
उनके अनुसार इस बीमारी में हाथ पैर में सनसनी या चींटी रेंगने जैसा अनुभव आम है। कभी-कभी पैरों में लंबे अर्से तक ठीक नहीं होने वाले अल्सर भी होने लगते हैं। यह बच्चों से लेकर बूढ़ों तक में होता है। सरकार ने अस्पतालों में इसके नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था भी की गई है।दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध हैं।इसे एमडी टी या मल्टी ड्रग थेरेपी कहते हैं। यह पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज जरूरी है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजी, वेनेयोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी की ओर से जागरूकता के लिए 30 जनवरी को लेप्रेसी डे के रूप में मनाया जाता है।




मरीज के साथ पूरे परिवार की जांच की जानी चाहिए। बीमारी पता चलते ही धूमपान तुरंत बंद कर देना चाहिए। गर्म बर्तन, चाकू, नुकीली चीजें खाली हाथों से न पकड़ें। बिना चप्पल-जूते के खुले पांव ना चलें। नियमित कसरत और मालिश करें।

ये सावधानियां रखें

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लापरवाही से त्वचा के बाद आंख-कान तक फैल सकती है बीमारी