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अफसरों ने ली सीआईडी की ट्रेनिंग

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - रांची
अपर पुलिस महानिदेशक, सीआईडी सत्यनारायण प्रधान ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए अब वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग करना होगा। अनुसंधान में साक्ष्यों के आधार पर नई धारा लागू करनी होगी, ताकि नक्सलियों को सजा दिलाई जा सके। एडीजी प्रधान राजा रानी कोठी परिसर में आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। सीआईडी झारखंड द्वारा आयोजित दो दिनी ट्रेनिंग का बुधवार को समापन हो गया। ट्रेनिंग में पुलिस अफसरों को केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराई गई अनलॉफुल एक्ट से संबंधित पुस्तक समेत नई धाराओं के आधार पर तैयार लिखित सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रोग्राम में पलामू, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर रेल पुलिस के अफसर शामिल हुए।




चार चरणों में होगी ट्रेनिंग

रांची - ट्रेनिंग लेने के बाद पुलिस अफसरों ने कहा कि इस तरह का प्रोग्राम पहली बार हुआ है। कई तरह की नई जानकारियां मिलीं। इससे उन्हें अनुसंधान में और नक्सली को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। इस कारण सीआईडी चार चरणों में राज्य के सभी जिलों के पुलिस अफसरों ((थाना प्रभारी व इंस्पेक्टर)) को ट्रेनिंग दी जाएगी।

सीखे अनुसंधान के गुर

रांची - ट्रेनिंग में 9 इंस्पेक्टर और 21 सब इंस्पेक्टर भाग लिए। सीआईडी एसपी अखिलेश झा ने थाना प्रभारी और इंस्पेक्टरों को बताया कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अनुसंधान कैसे करना है। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से जब्त साक्ष्यों के आधार पर कौन सी धारा लगानी है, ताकि उन्हें सजा दिलाई जा सके।

ट्रेनिंग में शामिल पुलिस अफसर।