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खुद का तैयार बीज बनेगी किसानों की ताकत : नितिन

7 वर्ष पहले
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स्वबीज से खेती करने पर 30 प्रतिशत बीज किसानों को अपने उत्पादन से ही मिल जाएगा
बारिश का पानी जमा कर ड्रिप इरिगेशन के तहत सिंचाई करने की सलाह
खेती में रुचि रखने वालों को दिया जाएगा कृषि मित्र का प्रशिक्षण
भास्कर न्यूज - गोला
रांची दूरदर्शन की ओर से प्रखंड के सरलाकलां गांव में गुरुवार को फसल पर संगोष्ठी की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गन्ना एवं कृषि विकास विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि किसान फसलों की पैदावार स्वबीज ((खेतों से निकली अच्छी फसल)) के लक्ष्य को सामने रखकर करें। इससे उन्हें बाजार पर अधिक निर्भर नहीं रहने में मदद मिलेगी। ऐसा करने से 30 प्रतिशत बीज किसानों को अपने उत्पादन से ही मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू किया है। इसके अलावा आत्मा संस्था से हर प्रखंड के दो गांवों पर एक कृषि मित्र चुने गए हैं। इन्हें खेती की नई तकनीक का समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इतना ही नहीं खेती में रुचि नहीं रखने वाले कृषि मित्रों को हटाकर कृषि में दिलचस्पी रखने वालों को जोड़ा जाएगा।



सिंचाई के लिए पानी को करें संरक्षित : मदन सेन

संगोष्ठी में वाटर शेड मैनेजमेंट के मदन सेन गुप्ता ने कहा कि किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन का इस्तेमाल करें। इसके लिए बारिश के पानी को बहने के बजाय उसे संरक्षित करें। ऐसा करने से सिंचाई के समय पानी की कमी को पूरा किया जा सकता है। वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र कुमार ने किसानों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया।उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्यभर में सब्जियों की 90 प्रतिशत खेती होती है। इससे 60 प्रतिशत ही राज्यभर में पूर्ति हो पाती है। कृषि दर में ढाई प्रतिशत की वृद्धि और होने पर प्रतिवर्ष 20 लाख टन सब्जियों का उत्पादन संभव है।