• Hindi News
  • ‘दारू मुर्गा ना नोट से तकदीर बदलेगी वोट से’

‘दारू-मुर्गा ना नोट से तकदीर बदलेगी वोट से’

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज. सिमडेगा
गांव के हाट-बाजार में नुक्कड़ नाटक दल की धूम है। मतदाताओं को जागरूक कर रहा है कलाकारों का दल। रांची, लोहरदगा और गुमला जिले के विभिन्न गांवों से जुटे कलाकार अपनी नाटिका के माध्यम से मतदाताओं को संदेश दे रहे हैं। नाटक का संदेश है - दारू-मुर्गा ना नोट से, तकदीर बदलेगी वोट से। नुक्कड़ नाटक की शुरुआत जेकर दारू उके वोट .. से होती है।
नाटक में गीत-नृत्य के माध्यम से ग्रामीणों को एक परिवार का दृश्य दिखाया जा रहा है जिसका मुखिया अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान देने के बजाए पैसे दारू तथा मुर्गा लड़ाई पर खर्च कर देता है। उसे चुनाव के बारे भी पता नहीं है। लेकिन उसकी पत्नी को चुनाव का महत्व पता है। गांव में मुखिया जी मीटिंग करते हैं। सबको लोकतंत्र के महापर्व के बारे बताया जाता है। नाच दल अपने संदेशों के माध्यम से लोगों को बताता है कि इस बार शराब में नहीं बिकना है और अच्छे प्रत्याशी चुनना है। बाजार में ग्रामीण नाच दल के लोगों से चुनाव के बारे सवाल भी करते हैं। पूछते हैं किस पार्टी को वोट दें। जागरूकता के लिए प्रशासन के द्वारा हाट बाजार में भेजा गया यह दल लोगों को वोट का महत्व समझाता है, कहता है ऐसे प्रत्याशी को चुनें जो उनके लिए काम करे। झारखंड कला संगीत सृजन केन्द्र से जुड़े ये कलाकार वोटरों को वोट के लिए पहचान पत्र के अलावा अन्य पहचान जैसे आधार कार्ड, जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक आदि की भी जानकारी देते हैं। कलाकारों में लक्ष्मीनाथ महतो, सुनील कुमार, योगेन्द्र गोप, सुरेन्द्र लोहरा, सुलेखा कुमारी, नंदिनी कुमारी, रितिका देवी, कलावती देवी आदि शामिल हैं।