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वृद्धा ने अपने पोते-पोतियों की पढ़ाई के लिए लगाई गुहार

8 वर्ष पहले
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ञ्च पोते-पोतियों के परवरिश की चिंता है, इंदिरा आवास के लिए भी लगाई गुहार
भास्कर न्यूज -!- गुमला
सिसई प्रखंड के मुरगू करंज टोली गांव की सुकरो देवी अपने पोता व पोती को अच्छी शिक्षा देने व आशियाने की मांग को लेकर सरकारी कार्यालयों का चक्कर काट रही है। लेकिन उसके दुख को कोई नहीं समझ रहा है। मंगलवार को वह अपने पोता व पोती को लेकर अपना फरियाद उपायुक्त तक पहुंचाने पहुंचीं, पर सरकारी अवकाश होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। निराश होकर उसे वापस लौटना पड़ा। सुकरो देवी ने बताया कि सात साल पहले अपराधियों ने उसके बेटे जुलेश भगत की हत्या कर दी। वह पानी टंकी में नाइट गार्ड का काम करता था। जुलेश की मौत के तीन साल बाद उसकी बहू छेनो देवी का भी निधन हो गया। उसका एक सात वर्ष का बेटा कवि भगत व पांच वर्ष की बेटी सोनम कुमारी है। दोनों घटना के वक्त काफी छोटे थे। अब स्कूल जाने के लायक हो गए हैं, लेकिन घर की माली हालत ठीक नहीं है। घर भी नहीं है। बेटे की मौत के बाद सुकरो सरकारी सुविधा की मांग को लेकर कई बार बीडीओ व उपायुक्त से गुहार लगा चुकी। पर अबतक उसे सुविधा के बदले सिर्फ आश्वासन मिला। सुकरो सिर्फ इतना ही चाहती है कि उसके दोनों बच्चों को पढऩे का स्थायी समाधान हो जाए और एक इंदिरा आवास मिल जाए। अभी उसे सरकारी सुविधा के नाम पर 35 किलो अनाज प्रतिमाह मिलता है। वह अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए कस्तूरबा गांधी स्कूल में नामांकन का गुहार लगा रही है। उसने दैनिक भास्कर से कहा कि किसी प्रकार मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण कर रही हूं। अब शरीर लाचार हो गया है। मेरे जिंदगी का भरोसा नहीं है। अगर कस्तूरबा में सरकारी बाबुओं के सहयोग से नामांकन हो जाता तो वे पढ़कर अपना जीवन बना सकते हैं। जब वह दैनिक भास्कर से बात कर रही थी, तो उसके बच्चे भूख से रो रहे थे। अंत में पत्रकारों ने पैसा देकर उनके खाने पीने की व्यवस्था की।



सुकरो देवी अपने पोता-पोती के साथ।