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बिहार के प्लाज्मा से स्वस्थ हो रहे गुजराती

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - पटना

राज्य में खून की डिमांड भले ही पूरी न होती हो, पर प्लाज्मा का उत्पादन बढ़ गया है। उत्पादन इतना कि उसे बेचना पड़ रहा है। गुजरात उसकी खरीद कर रहा है। राज्य में खपत के बाद काफी मात्रा में प्लाज्मा बचने के कारण पीएमसीएच के ब्लड बैंक ने इसे बेचने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य विभाग से इसकी अनुमति ली गई। मंजूरी मिलने पर टेंडर निकाला गया। कई कंपनियों ने टेंडर भेजा। इसमें सबसे अधिक दर देने वाली कंपनियों का चुनाव हुआ। रिलायंस भी इस दौड़ में था पर उसका रेट कम था। अधिक बोली लगाने वाली अहमदाबाद की इंटास फर्मा का चुनाव हुआ। कंपनी ने करीब 16 लाख रुपए की प्लाज्मा खरीदी है।

इंटास फार्मा ने 1271 रुपए प्रति लीटर की दर से प्लाज्मा खरीदी है। इंटास फार्मा इस प्लाज्मा को कोरिया भेजकर विभिन्न दवा तैयार कराती है। इसे भारत सरकार से लाइसेंस भी मिला हुआ है।

किस बीमारियों में प्लाज्मा की होती है जरूरत... हीमोफिलिया पीडि़त मरीजों के लिए दवा बनाई जाती है। हीमोफिलिया मरीजों को फैक्टर आठ और फैक्टर नौ की जरूरत होती है। यह फैक्टर प्लाज्मा से ही तैयार किया जाता है। बर्न केस, लीवर की बीमारी और प्रोटिनिमिया में भी प्लाज्मा की जरूरत होती है। एलब्यूमिन की कमी वाले मरीजों को भी को प्लाज्मा चाहिए।



टेंडर से हुई प्लाज्मा की बिक्री

:दवाओं के निर्माण में होता है इस्तेमाल

:हीमोफिलिया मरीजों की बनती है दवा

॥प्लाज्मा की जितनी जरूत है उतना स्टॉक रख लिया गया है और बाकी को टेंडर के माध्यम से बेच दिया गया। अहमदाबाद की कंपनी इंटास फार्मा करीब 16 लाख प्लाज्मा खरीदी है। इस कंपनी को ड्रग कंट्रोलर लाइसेंस मिला हुआ।ञ्ज

डॉ.उपेन्द्र प्रसाद, चिकित्सा पदाधिकारी, पीएमसीएच ब्लड बैंक

कंपोनेंट सेपरेटर मशीन की मदद से एक यूनिट खून से कई तरह के कंपोनेंट निकाले जाते हैं। उसी में एक कंपोनेंट प्लाज्मा भी है। वैसे खून से प्लाज्मा के अलावा, प्लेटलेट्स, पैक्ड सेल, क्रायो भी निकाला जाता है।

क्या है प्लाज्मा...



पीएमसीएच के ब्लड बैंक ने गुजरात की कंपनी इंटास फर्मा को बेचा 16 लाख का प्लाज्मा