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सदर अस्पताल : १२ बजे नाश्ता शाम पांच बजे मिलता है भोजन

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - हजारीबाग
आईएसओ 2009 का तगमा हासिल कर चुका हजारीबाग सदर अस्पताल की हकीकत बद से बदतर है। इसका खुलासा गुरुवार की शाम सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू ने किया। वे चार बजे शाम में सदर अस्पताल पहुंचे। वार्ड में मरीजों को हालचाल ले रहे थे। तभी कई मरीजों ने उनसे कहा कि दिनभर से भूखे हैं अभी तक खाना नहीं मिला है।
जब मरीजों से यह पूछा गया कि ऐसा आज ही हुआ है या पहले भी। लोगों ने कहा कि हर रोज की यही कहानी है। दोपहर 12 बजे नाश्ता में ब्रेड दे दिया जाता है और दोपहर का खाना शाम पांच बजे मिलता है। रात का खाना 12 बजे रात के बाद दिया जाता है। खाना भी घटिया होता है। दाल हल्दी और नमक का घोल, कंकडय़ुक्त चावल और सब्जी में सड़े हुए आलू की मात्रा अधिक होती है। ऐसा देख अस्पताल में भर्ती आधे से अधिक मरीज खाना खाने से परहेज करते हैं। विपरीत परिस्थिति में ही मरीज भोजन खाते हैं।
क्या-क्या हुआ : लोगों के साथ जब सीटू अस्पताल के किचन में पहुंचे तो वहां गंदगी का अंबार लगा था। हर रोज की भांति पांच बजे शाम में दो अटेंडेंट पहुंचे और खाना उठाया। वार्ड में जाकर मरीजों के बीच खाना बांटा। खाना बांट रहे अटेंडेंट रामचंद्र व नरेश यादव थे। मरीजों ने बताया कि हर रोज हमारे अटेंडेंट ही खाना बांटते हैं। सीटू ने सीएस डॉ. ओपी आर्य से मोबाइल पर संपर्क किया। मरीजों को भोजन की माकूल व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की तो उनका दो टूक जवाब था कि खाना खिलाना मेरा काम नहीं है और मोबाइल काट दिया। गणेश कुमार सीटू ने कहा कि अगर सुधार नहीं हुआ तो प्रबंधक के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
मरीजों ने कहा : मरीज दिलीप एक्का, आरती देवी, मंगू महतो, रामचंद्र प्रसाद, नरेश यादव, कौशल्या देवी समेत कई मरीजों ने कहा कि दिनभर खाना बंटने का इंतजार करते रहते हैं। शाम में दोपहर का खाना मिलता है।




खाना बनाने वाले रहते हैं ऑपरेशन थिएटर में

मरीजों का खाना बनाने के लिए पांच कर्मी लगाए गए हैं। जिनके मेठ जयवीर दूबे हैं। लेकिन इनमें चार कर्मी जो रसोइया के पद पर बहाल हैं वे ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक का सहयोग में लगे रहते हैं। वहीं दो कर्मी ड्रेसिंग रूम में काम करते हैं। सैकड़ों मरीज के भोजन का बोझ अकेला जयवीर दूबे के कंधे पर हैं।

व्यवस्था में होगी सुधार : प्रभारी डीएस

सदर अस्पताल के प्रभारी डीएस डॉ. एसआर दांगी ने कहा कि भोजन में विलंब का कारण एक रसोइया का होना है। जिसपर मरीजों का व्यापक लोड है। अन्य रसोइया दूसरे कामों में लगे हैं। इस पर विचार किया जा रहा है कि रसोइया जयवीर दूबे के सहयोग के लिए एक-दो कर्मी को और लगाया जाए। बहुत जल्द इसमें सुधार की जाएगी।

> मरीजों के अटेंडेंट ही बांटते हैं हास्पिटल में खाना

> सीएस ने कहा, मरीजों को खाना खिलाना मेरा काम नहीं