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किसानों को देने वाली कीटनाशक दवाएं एक्सपायर,फेंक दी गईं

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज . विश्रामपुर
प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित कृषि विभाग के गोदाम में वर्षों से रखीं कीटनाशक दवाइयां, टॉनिक व जैव खाद एक्सपायरी होने के कारण बाहर फेंक दी गईं। यह दवाइयां किसानों को मुफ्त वितरण के लिए पूर्व प्रखंड कृषि पदाधिकारी कुंज बिहारी सिंह के कार्यकाल में विभाग ने भेजी थी । इनमें अधिकांश कीटनाशक दवाइयां खरपतवार नाशक तथा धान के पौधे में लगने वाले रोग से बचाव के हैं। सभी दवाइयां पर 2008-09 के मैन्यूफैक्चरिंग डेट अंकित है, वहीं दो साल पहले ही रखे-रखे एक्सपायर हो चुकी है। गोदाम की सफाई के दौरान कचरे के ढेर हालत में फर्श पर जहां-तहां बिखरी हुई हालत में कीटनाशक दवाइयां पड़ी थी। साथ ही चूहे के द्वारा जैव खाद व अन्य कई सामान्य नष्ट कर दिए गए थे।
बीडीसी की शुक्रवार की बैठक में यह मामला काफी गरमाया रहा। वरीय पंसस ललन चौबे, संजय कुमार साहू द्वारा इस बर्बादी की जिम्मेवारी तय कर कार्रवाई की मांग का समिति के अन्य सदस्यों ने भी समर्थन किया। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख मीनू देवी व उपप्रमुख बबिता देवी ने बीडीसी के सचिव सह प्रभारी बीडीओ एलएन किशोर से जांच कर वरीय पदाधिकारी को दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।
प्रारंभिक जांच में बर्बाद हुई कीटनाशक दवाइयां व जैव खाद की कीमत पांच लाख रुपए आंकी गई है। मालूम हो कि बीएओ कुंजबिहारी सिंह 2008 से लगातार पांच वर्ष तक यहां पदस्थापित थे।
इस दौरान किसान, पैक्स व कई राजनीतिक दल के नेताओं ने उनपर गंभीर अनियमितता आरोप लगाए थे। पूर्व बीडीओ संजय कुमार के समय में भी बीएओ कुंजबिहारी सिंह पर बीज, खाद और कीटनाशक दवा वितरण में मनमानी बरतने के आरोप के बाद क्षेत्रीय विधायक सह मंत्री चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ने उन्हें हटाने के लिए कृषि मंत्री नलिन सोरेन को पत्र लिखा था।



लावारिस हालत में सड़ी पड़ी हुई कीटनाशक एक्सपायरी दवा व जैवखाद ।