पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मुनि राम बने शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत

मुनि राम बने शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज . मेदिनीनगर
पाटन प्रखंड के मुड़कटवा स्कूल में पदस्थापित शिक्षक मुनि राम को वर्ष 2011-12 में उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवा के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पलामू का नाम राष्ट्रीय फलक पर पहुंचाने वाले मुनि राम शिक्षकों के लिए आदर्श बन गए हैं। आर्मी की नौकरी को छोड़ शिक्षक बने मुनि राम का 1981 में पदस्थापना मुड़कटवा प्राथमिक विद्यालय में हुई। उस समय स्कूल में आधारभूत संरचना नहीं था। पेड़ के नीचे कक्षाएं चलती थीं। इन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मुनि राम ने हिम्मत व धैर्य से काम करते हुए शिक्षा का अलख जगाते रहा। गांव के गरीब बच्चों को विद्यालय से जोडऩे व सीमित संसाधन में उत्कृष्ट सेवा के कारण इनकी ख्याति फैलते देर न लगी। यही कारण है कि इनका चयन जिला से राज्य को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए किया गया। राज्य से भी इनका अनुमोद राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए कर दिया। मुनि राम गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड के छोटे से गांव बहेरवा में जन्मे हैं।
प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूलों में पूरी की । इसके पश्चात ये फोर्स में बहाल हो गए। लेकिन फोर्स की नौकरी इन्हें रास नहीं आई। तीन साल सेवा देने के बाद वह वापस आ गए। पुन: बीए करने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर शिक्षक बन गए। तबसे लेकर आज तक शैक्षणिक माहौल को बेहतर करने में लगे हैं। 65 वर्षीय संतू महतो कहते हैं आज के युग में ऐसे शिक्षक की जरूरत है जो बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके। 70 वर्षीय शुकन यादव कहते हैं कि गुरु जी सबों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।