एचआईवी पीडि़तों को दिला रहे हक
मेदिनीनगर. एचआईवी पीडि़त पलामू के रामानंद ((बदला हुआ नाम)) गुमनामी की जिंदगी जी रहे अपने जैसे लोगों को इस बीमारी को मात देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने पलामू के 660 एचआइवी पॉजिटिव लोगों का एक नेटवर्क बनाकर उनके लिए ‘पीपुल्स लिविंग विद एचआइवी’ नामक संस्था बनाई। फिर उनकी बेहतरी के लिए काम शुरू किया। अपने प्रयासों से उन्होंने पीडि़तों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन शुरू कराई। लाचार लोगों को इंदिरा आवास दिलाए। वे बताते हैं कि उनका लक्ष्य सभी पीडि़तों को रोजगार से जोडऩा है। ताकि वे किसी के सहयोग के मोहताज नहीं हो। उनका कहना है कि अब वे देशभर में एचआईवी पीडि़तों को अपने साथ जोडऩा चाहते हैं।
एचआईवी पॉजिटिव रामानंद ने इस बीमारी से पीडि़त लोगों को दिया है सहारा।
पुरानी रांची
बड़ा तालाब के उत्तरी भाग को पुरानी रांची कहा जाता है। 40 के दशक में मनोरंजन के लिए भालूनाच, बंदरनाच का आयोजन होता था। 40 के दशक की इस तस्वीर में भालू नाच का लोग लुत्फ उठा रहे हैं। अब खपरैल घरों की जगह पक्के मकान बन गए हैं।
जीत लेंगे जहां
बात आईटी की हो या, स्पेस टेक्नोलॉजी की, हिंदुस्तान का झंडा बुलंद हो रहा है। यदि हम निजी स्वार्थ और आपसी द्वेष को छोड़कर ईमानदारी से आगे बढऩे का प्रयास करें तो वह दिन दूर नहीं, जब हम विश्वगुरु होंगे।
सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढऩे का सतत प्रयास करें, जिससे राष्ट्र उपलब्धि की नई ऊंचाइयों को छू ले।
हमारा कर्तव्य
गौरव का गणतंत्र
रांची .
रविवार. २६ जनवरी, २०१४