पतरातू में ऊर्जा मंत्री का पुतला फूंका
भास्कर न्यूज - पतरातू
लोगों ने सोमवार को बोर्ड विखंडन, निजीकरण व फ्रेंचाइजी व्यवस्था के खिलाफ झारखंड के ऊर्जा मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह का पुतला फूंका। स्थानीय लोगों ने पतरातू मेन रोड में शहीद चौक समेत बाजारतांड़ स्टेशन रोड आदि कई क्षेत्रों में उर्जा मंत्री के पुतले का शव यात्रा निकाली।
विभिन्न क्षेत्रों में घूमने के बाद शहीद चौक के समीप पुतला फूंक डाला। लोगों ने इस व्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि एक तरफ जहां सरकार आम जनता को सस्ती बिजली देने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ फ्रेंचाइजी कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के घर जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में मीटर लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मकसद साफ है कि उपभोक्ताओं से मोटी राशि वसूली जाए। जबकि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकार सब्सिडी देते हुए 120 रुपए प्रतिमाह लेती है।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से दुर्गाचरण प्रसाद, विजय सोनी, अशोक पाठक, धीरेंद्र प्रसाद, गिरजेश कुमार, त्रिलोकी गिरि, निरंजन कुमार, अब्दुल कयूम अंसारी, मन्नू पाठक, धर्मेंद्र बाउरी, अनुप प्रसाद, राजेश प्रसाद, विजय कुमार, रवि कुमार संजीव शर्मा, रविकांत गुप्ता, शिवचरण साहू, संजय मुंडा, महेश प्रसाद, रामदेव मुंडा, रोनित आदि कई शामिल थे।
फ्रेंचाइजी व्यवस्था समाप्त करने की मांग
पतरातू - पतरातू वासियों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेज कर मांग किया है कि पतरातू क्षेत्र में झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा निजीकरण का रास्ता अपनाते हुए फ्रेंचाइजी का गठन किया है। इस व्यवस्था को अविलंब समाप्त किया जाय। इस व्यवस्था से अतिरिक्त आर्थिक बोझ ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोग बेरोजगार हैं किसी तरह ग्रामीण खेती और मजदूरी कर अपना व परिवार का पेट पाल रहे हैं। कमाई का कुछ हिस्सा बच्चों की पढ़ाई लिखाई व चिकित्सा में खर्च कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं को यदि ज्यादा बिजली दर देना पड़ेगा तो ग्रामीणों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन में आग्रह किया गया कि उत्पन्न समस्याओं को
गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाय। अन्यथा बाध्य होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। ज्ञापन भेजनेवालों में
दुर्गाचरण प्रसाद, विजय सोनी, अशोक पाठक, वीरेंद्र प्रसाद, गिरजेश कुमार, त्रिलोकी गिरी, निरंजन कुमार आदि कई शामिल हैं।