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मांग -!- वृंदावन अस्पताल में तोडफ़ोड़ में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना पर बैठे डॉक्टर

7 वर्ष पहले
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दोषी लोगों को पुलिस अविलंब गिरफ्तार करे : डॉ. केएन प्रसाद
भास्कर न्यूज - रामगढ़
वृंदावन अस्पताल में किए गए तोडफ़ोड़ तथा डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आईएमए के बैनर तले क्षेत्र के डॉक्टरों ने 28 जनवरी को सुभाष चौक के समीप धरना पर बैठ गए। इतना ही नहीं धरना में शामिल डॉक्टरों ने अपने-अपने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को भी बंद रखकर चिकित्सा सेवा को ठप कर दिया।
निजी अस्पताल संचालकों के समर्थन में सीसीएल सहित केंद्र तथा राज्य सरकार के डॉक्टरों ने भी काला बिल्ला लगाया। धरना को संबोधित करते हुए आईएमए अध्यक्ष डॉ. केएन प्रसाद ने कहा कि असमाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल में तोडफ़ोड़ तथा डॉक्टर और नर्स के साथ मारपीट की घटना काफी निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों के सेवा के प्रति डॉक्टर सदैव तत्पर रहते हैं। उन्हें किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाना डॉक्टरों का काम नहीं है। इलाज के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने पर डॉक्टर जिम्मेवार नहीं हैं। मरीज के परिजन अगर इस तरह के तोडफ़ोड़ की घटना को अंजाम देकर अमानवीयता का परिचय देंगे तो चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने असुविधा होगी। जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
शाम पांच बजे तक धरना पर बैठने के बाद डॉक्टरों ने निर्णय लिया कि अगर प्रशासन एक सप्ताह के अंदर दोषी लोगों को गिरफ्तार नहीं करेगी, तो वे अपने आंदोलन को गति देते हुए राज्य स्तर तक ले जाएंगे। धरना में मुख्य रूप से डॉ. उदय श्रीवास्तव, डॉ. मालती चार, डॉ. एके बरेलिया, डॉ. के चंद्रा, डॉ. भरत प्रसाद, डॉ. रमेश राय, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. आरती दिप्ती, डॉ. सुधीर आर्या, डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. जीतेंद्र, डॉ. राजेश, डॉ. दिनेश, डॉ. शरद जैन, डॉ. आलोक गौड़ सहित आईएमए के कई सदस्य मौजूद थे।
मरीजों को हुई परेशानी
डॉक्टरों के मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल में रहने से मरीजों को काफी परेशानी हुई। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के चक्कर लगाते देखा गया। वहीं दूसरी ओर निजी अस्पतालों के बंद रहने से सदर अस्पताल, छावनी जनरल अस्पताल सहित सीसीएल के केंद्रीय चिकित्सालय में मरीजों की भीड़-भाड़ लगी रही। शाम लगभग पांच बजे डॉक्टरों का सांकेतिक हड़ताल खत्म होने तथा निजी अस्पतालों के खुल जाने से मरीजों को राहत मिली।



धरना का रामगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स, रामगढ़ सिटीजन फोरम, गुरुद्वारा प्रबंधन समिति सहित कई सामाजिक संगठन के लोगों ने अस्पताल में तोडफ़ोड़ तथा डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की। धरना कार्यक्रम में चैंबर अध्यक्ष जीतेंद्र प्रसाद, मानद सचिव विष्णु पोद्दार, रामगढ़ सिटीजन फोरम के अध्यक्ष गोविंद लाल अग्रवाल, गुरुद्वारा प्रधान रमिंद्र सिंह गांधी सहित कई लोग काफी देर तक धरना स्थल पर बैठे रहे।

कई संगठनों ने दिया समर्थन

कुजू क्षेत्र के निजी नर्सिंग होम रहे बंद

कुजू - इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आह्वान पर जिले में स्वास्थ्य सेवा ठप आंदोलन के दौरान कोयलांचल कुजू क्षेत्र के करीब सभी निजी नर्सिंग होम बंद रहे। इस दौरान कुजू स्थित शुभ सेवा सदन, कुजू नर्सिंग होम, स्वेच्छा नर्सिंग होम, झारखंड नर्सिंग होम, सांडी स्थित जीवन रेखा, राज, आशुतोष, दुर्गा नर्सिंग होम में स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही।